बिहार के मधुबनी जिले में नेपाल सीमा से सटे बासोपट्टी थाना क्षेत्र में गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. एसटीएफ और मधुबनी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 419 किलोग्राम गांजा से लदा एक पिकअप वाहन जब्त किया गया है. बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये आंकी गई है.
मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नेपाल बॉर्डर के रास्ते गांजे की एक बड़ी खेप इलाके से गुजरने वाली है. सूचना के आधार पर एसटीएफ और जिला पुलिस की विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई.
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विशेष टीम ने बासोपट्टी थाना क्षेत्र के कौआहा गांव के पास छापेमारी की. इस दौरान गांजा लदे पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई. वाहन से भारी मात्रा में गांजा बरामद होने के बाद पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया.
419 किलो गांजा के साथ 4 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी विनोद सहनी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.
एसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं दिख रहा है. पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया है.
जांच में यह संकेत मिले हैं कि तस्कर लंबे समय से सक्रिय थे और सीमा क्षेत्र का इस्तेमाल कर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे. अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का संबंध किन अन्य राज्यों या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों से है.
पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने से मचा हड़कंप
मामले की जांच के दौरान बासोपट्टी थाना के डायल-112 वाहन चालक की संदिग्ध भूमिका सामने आई है. एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में उसकी संलिप्तता के पर्याप्त संकेत मिले हैं.
इसके अलावा डायल-112 पर तैनात एसआई के ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित रहने की बात भी सामने आई है. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया गया.
गांजा तस्करों के साथ पुलिस की कथित मिलीभगत की आशंका सामने आने के बाद एसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए बासोपट्टी थानाध्यक्ष विकास कुमार को भी ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया. इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है.
डीआईजी खुद पहुंचे थाने, जांच तेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए मिथिला प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी स्वयं बासोपट्टी थाना पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले की समीक्षा की और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली.
डीआईजी ने जांच अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा. इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
नेपाल बॉर्डर कनेक्शन की जांच
फिलहाल, पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि 419 किलो गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसकी अंतिम डिलीवरी कहां होनी थी.
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में इस बरामदगी को हाल के वर्षों की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
पुलिस का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की भी संभावना जताई जा रही है.
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