लालू की एक और संतान की राजनीति में एंट्री...बेटी रोहिणी आचार्य के सारण से चुनाव लड़ने की चर्चा

लालू यादव की एक और बेटी रोहिणी आचार्य भी इस लोकसभा चुनाव से राजनीति में एंट्री कर सकती हैं. अटकलें लगाई जा रही है कि लालू यादव रोहिणी को सारण सीट से उम्मीदवार बना सकते हैं. बता दें कि रोहिणी आचार्य अपने पति के साथ सिंगापुर में रहती हैं और बीते साल ही पिता को अपनी किडनी देकर उनकी जान बचाई थी.

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लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के पोस्ट के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के पोस्ट के निकाले जा रहे हैं सियासी मायने

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 18 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 9:25 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परिवार नहीं होने को लेकर तंज करने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो  लालू यादव अपनी एक और बेटी रोहिणी आचार्य की भी इस लोकसभा चुनाव के जरिए राजनीति में एंट्री करवा सकते हैं.  इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि सिंगापुर में रहने वाली लालू यादव की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य चुनाव लड़ सकती है. 

रोहिणी आचार्य ने पिछले साल अपने पिता को एक किडनी दान में दी थी जिसको लेकर उनकी खूब प्रशंसा हुई थी. अब ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द लालू अपनी बेटी रोहिणी को भी राजनीति में लॉन्च कर सकते हैं.

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रोहिणी से पहले लालू परिवार में उनकी पत्नी राबड़ी देवी मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और उनके तीन बच्चे मीसा भारती, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव भी सक्रिय राजनीति में हैं. मीसा भारती इस वक्त राज्यसभा सांसद हैं, वहीं तेजस्वी यादव पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष. तेज प्रताप यादव भी बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विधायक हैं.

सारण से चुनाव लड़ सकती हैं रोहिणी

दरअसल जब से रोहिणी आचार्य ने लालू को अपनी किडनी दान में दी थी तब से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि पिता लालू जल्द ही उसे बिहार की राजनीति में लॉन्च कर सकते हैं. इस बात को लेकर भी संभावना जताई जा रही है रोहिणी आचार्य सारण से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं. लालू यादव ने भी 70 के दशक में इसी सीट से राजनीति की शुरुआत की थी.

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गौरतलब है, लालू पहली बार छपरा ( अब सारण) लोकसभा सीट से सिर्फ 29 साल की उम्र में 1977 में सांसद बने थे. इसके बाद 1989 और 2004 में भी उन्होंने सारण से ही चुनाव जीता था. 

सारण से राबड़ी हार गईं थीं चुनाव

2013 में चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू चुनाव लड़ने के लिए आरोग्य हो गए थे और फिर 2014 लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सारण से चुनाव लड़वाया था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

लालू परिवार के करीबी और एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए ऐसे संकेत दिए हैं. उन्होंने लिखा है कि सारण लोकसभा सीट की जनता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि रोहिणी आचार्य अगला चुनाव वहीं से लड़ें. सुनील कुमार सिंह के इस पोस्ट के बाद बिहार की राजनीति में स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि रोहिणी आचार्य लोकसभा चुनाव सारण से लड़ सकती हैं.

बता दें कि पिछले दिनों 3 मार्च को महागठबंधन की जन विश्वास रैली के दौरान भी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रोहिणी आचार्य पहली बार पिता लालू प्रसाद के साथ मंच पर नजर आई थी.

 

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