बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में नजर आए. राज्यसभा चुनाव से लेकर मोतिहारी की बिटिया को न्याय दिलाने तक, पप्पू यादव ने व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने नेताओं की तुलना 'बिकने वाले पशुओं' से कर डाली और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उंगली उठाई है.
'कोई नेता 2 करोड़ में बिक रहा है, तो कोई 5 में...'
राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव को लेकर पप्पू यादव काफी भावुक और आक्रोशित दिखे. उन्होंने सीधे तौर पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति में 'धन पशुओं' का बोलबाला हो गया है. उन्होंने कहा- 'राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में जनप्रतिनिधि गाय-बैल और कुत्ते-बिल्ली की तरह बिक रहे हैं. कोई 2 करोड़ में बिक रहा है, तो कोई 5 करोड़ में. क्या जनता ने इन्हें अपना ईमान और चरित्र बेचने के लिए चुना था? जहां खरीदने और बेचने वाले दोनों का चरित्र एक जैसा हो, वहां जनता के भले की उम्मीद कैसे की जा सकती है?'
'बीजेपी की लिखी हुई स्क्रिप्ट पर काम कर EC'
इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी की लिखी हुई स्क्रिप्ट पर काम कर रहा है और ममता दीदी को परेशान करने के लिए होम सेक्रेटरी को रातों-रात निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पांचों विधानसभा सीटों पर इंडिया गठबंधन की जीत होगी.
'बेटियों की सुरक्षा कौन करेगा?'
मोतिहारी की घटना का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने व्यवस्था को आईना दिखाया. उन्होंने कहा कि जब नेताओं को बिकने से फुर्सत नहीं होगी, तो बेटियों की सुरक्षा कौन करेगा?
उन्होंने कहा- 'मोतिहारी में दिल्ली से आई बेटी के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी गई. अपराधी और बेटी की कोई जाति नहीं होती. मैंने स्पीडी ट्रायल और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है. दोषियों को हर हाल में सजा मिलनी चाहिए. अंत में, मिडिल ईस्ट के हालातों पर सरकार को सलाह देते हुए सांसद ने कहा कि युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था और मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. गैस सिलेंडर से लेकर रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं इसलिए सरकार इजराइल-अमेरिका से दूर रहे और मिडिल ईस्ट में शांति बहाली पर ध्यान दे.
Input: शुभम निराला
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