रिजेक्ट हो सकती है आपकी कार की वारंटी, गलती से भी ना कराएं ये काम

Car warranty void reasons: नई कार खरीदने के बाद कुछ लोग सीधे पहुंचते हैं कस्टमाइजेशन कराने. बड़ा टचस्क्रीन, LED हेडलाइट, दमदार म्यूजिक सिस्टम समेत कई चीजें लोग लगवाते हैं. लेकिन कई बार स्टाइल और फीचर्स बढ़ाने के चक्कर में लोग ऐसी गलती कर बैठते हैं, जिससे कार की वारंटी का खत्म हो जाती है. आपको ऐसी गलतियों से बचना चाहिए.

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कार मॉडिफिकेशन की वजह से रिजेक्ट हो जाती है वारंटी. (Photo: ITG) कार मॉडिफिकेशन की वजह से रिजेक्ट हो जाती है वारंटी. (Photo: ITG)

अभिषेक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 15 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:33 AM IST

कार की वांरटी एक सुरक्षा कवच की तरह होती है, लेकिन क्या हो अगर आपके किसी एक कदम की वजह से ये सुरक्षा कवच टूट जाए. यानी वारंटी खत्म हो जाए. कार खरीदते ही कुछ लोगों को उसे मॉडिफाई कराने का शौक होता है. इसके लिए लोग आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज लगवाते हैं. 

इस दौरान कई बार लोग भूल जाते हैं कि उन्हें क्या नहीं करना चाहिए, जिससे उनकी वारंटी रिजेक्ट ना हो. ऐसा नहीं है कि आफ्टरमार्केट किसी भी काम कराने पर वारंटी रिजेक्ट हो जाती है. आइए जानते हैं आफ्टरमार्केट किन काम की वजह से कार की वारंटी रिजेक्ट हो सकती है. 

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खत्म हो जाती है कार की वारंटी 

सबसे आम कार होता है वायरिंग में कटिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ छेड़छाड़. कई बार आफ्टरमार्केट काम करवाते हुए लोग नई-नई तरह की एक्सेसरीज इंस्टॉल करवाते हैं. अगर उस कार में वैसा कोई फीचर नहीं आता है, तो इसके लिए वायरिंग के कट लग जाता है. यहां पर वारंटी रिजेक्ट होने का रिस्क बढ़ जाता है.

इसके अलावा लोकल वायर की वजह से आई खराबी, गलत फ्यूजिंग की वजह से हुई दिक्कत और ECU से छेड़छाड़ होने पर कोई दिक्कत होती है, तो कंपनी वारंटी रिजेक्ट कर सकती है. दरअसल, इस तरह के आफ्टरमार्केट काम की वजह से शॉर्ट सर्किट हो सकता है, बैटरी ड्रेन हो जाती है और यहां तक की ईसीयू भी डैमेज हो सकता है. 

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कुछ लोग कार की बेहतर परफॉर्मेंस के लिए इंजन में ट्यूनिंग करवाते हैं. ज्यादा पावर और टॉर्क के लिए ईसीयू को रिमैप किया जाता है, तो इसकी वजह से आपकी वारंटी रिजेक्ट हो सकती है. कार कंपनियां इंजन, क्लच, गियरबॉक्स या टर्बों में हुए मॉडिफिकेशन और रिमैप के डिटेक्ट होने पर वारंटी को रिजेक्ट कर देती हैं. 

CNG Kit लगवाना

अगर कंपनी फिटेड CNG नहीं है और बाहर से किट लगवाई गई है, तो इसकी वजह से वारंटी रिजेक्ट हो जाती है. हालांकि, कुछ कंपनी अभी डीलर फिटेड सीएनजी ऑफर कर रही है. अगर आप उनके डीलर के सीएनजी फिट करवाते हैं, तो आपको वारंटी मिलेगी. वहीं खुद सीएनजी किट लगवाने पर वारंटी रिजेक्ट हो जाती है.

इसके अलावा सस्पेंशन मॉडिफिकेशन की वजह से भी वारंटी पर असर पड़ सकता है. अगर आपने आफ्टरमार्केट स्प्रिंग या शॉक एब्जॉर्बर लगवाया है, तो सस्पेंशन की वारंटी खत्म हो सकती है. यहां तक की कई बार कंपनियां बड़े एलॉय व्हील लगवाने पर भी वारंटी रिजेक्ट कर देती हैं. 

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ऐसा नहीं है कि बाहर कराए हर काम की वजह से वारंटी रिजेक्ट हो जाती है. अगर आपने बाहर से डेंट ठीक कराया है या फिर फ्लोर मैट, सीट कवर, मोबाइल होल्डर, अप्रूवर्ड डैशकैम, कंपनी अप्रूवर्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम, टीपीएमएस जैसी एक्सेसरीज लगावते हैं, तो इससे वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ता है.

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