यूपी: बारिश-ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों के नुकसान की भरपाई करेगी सरकार, जानें किसानों को कब मिलेगा मुआवजा

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर फसलों पर पड़ा है. फसलों की तबाही में अन्नदाताओं के चेहरों पर शिकन ला दी है. वहीं, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भी किसानों के हुए इस नुकसान का आकलन करने और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्देश दिए गए हैं.

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उदय गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

पिछले तीन दिनों से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रही बारिश और ओलावृष्टि की वजह से एक तरफ जहां तापमान में काफी गिरावट आ गई है. वहीं दूसरी तरफ इसका सीधा असर फसलों पर पड़ा है. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं, सरसों और आलू की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. फसलों की इस तबाही ने अन्नदाताओं के चेहरों पर शिकन ला दी है. उधर उत्तर प्रदेश शासन द्वारा भी किसानों के हुए इस नुकसान का आंकलन करने और मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. आइए जानते हैं कि किस जिले में ओलावृष्टि और बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है.

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फिरोजाबाद

फिरोजाबाद में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश के चलते किसान की फसलों में नुकसान हो रहा है. मौसम में अचानक जो बदलाव आया है, उससे खेतों में खड़ी हुई गेहूं की फसल बिछ गई है. पड़े हुए आलू की छटाई ही नहीं हो पा रही है. आलम यह है कि अभी भी आसमान में काले बादल छाए हुए हैं. मुख्य तौर पर फ़िरोज़ाबाद के छिकाऊ, पचोखरा, नगला प्रेम, नगला सिकंदर, कोटकी के अधिकांश किसानों को आलू की फसल का नुकसान हुआ है. नुकसान से परेशान किसान राम नरेश कहते हैं की फसल खेतों में खुली पड़ी है. आलू की छंटाई व बीनने वाले मजदूर काम नहीं कर रहे, ऊपर से मजदूरी भी देनी पड़ रही है. वहीं जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान कहते हैं कि बारिश की फसल से सरसों की फसल को तो 8 प्रतिशत नुकसान हुआ है और नए आलू की खुदाई का कार्य अभी रुका हुआ है. अभी नुकसान का सही आंकलन किया जा रहा है.

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कानपुर देहात 

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में लगातार 48 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश से सरसों, चना, मटर, गेहूं की खेती कर रहे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ओलावृष्टि से सरसो और गेहूं की खड़ी कुछ किसानों की फसल पानी में मिल गई है. गेहूं, चना और मटर की खेती करने वाले अन्य किसानों को भी अब चिंता सताने लगी है. रविवार को भी रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण अबकरपुर तहसील कस्बे के नेहरू नगर, पुरानी तहसील रोड, बढ़ापुर सहित अन्य गांव में जलभराव से ग्रामीणों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ललितपुर 

बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में भी पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती हैं. बेमौसम बरसात की वजह से जहां पकने को तैयार हो रही गेंहू की फसलें खेतों में बिछ गईं, तो वहीं खेतों में पक कर तैयार हो चुकी मटर और मसूर की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है. खेतों में कटकर पड़ी हुई मटर और मसूर की फसलों में पानी भर गया है. फिलहाल जिला प्रशासन ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान का आंकलन कराने के लिए टीमें गठित कर दी हैं जो एक हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपेगी.

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शाहजहांपुर 

मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ है. शाहजहांपुर में तेज आंधी के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है. आलम यह है कि गेहूं और सरसों की फसल जमीन पर बिछ गई. फिलहाल भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है. दरअसल शाहजहांपुर में सबसे ज्यादा नुकसान तिलहर और जलालाबाद तहसील में हुआ है. इस इलाके में रविवार की सुबह तेज आंधी और बारिश शुरू हुई थी. लेकिन उसके बाद भारी ओलावृष्टि ने गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. किसानों का कहना है कि लगभग आधे घंटे तक भारी ओलावृष्टि हुई जिससे की फसल जमीन पर गिर गई. किसानों का कहना है कि अब इस फसल में दाना नहीं आएगा. जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इस नुकसान से बाहर निकल पाना बहुत मुश्किल होगा. वहीं किसान सूरज पाल का कहना है कि 4 से 7 मिनट ओला गिरा है जो जमीन में 4 से 6 अंगुल जमीन में बिछ गया. इसकी वजह से सरसों और गेहूं की फसल को बहुत क्षति हुई है. फसलों के नुकसान की बात करें तो एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ सुरेश कुमार ने फोन से हुई बातचीत में बताया कि सर्वे कराया जा रहा है. अगर मानक के अनुरूप किसान का 35% से अधिक नुकसान हुआ होगा. तो उसको सरकार से मुआवजा दिलवाया जाएगा.सर्वे के लिए तहसीलों में टीमें  गठित कर दी गई है. रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से मुआवजा की घोषणा होगी.

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बहराइच 

बीते दो दिनों से खराब हुए मौसम का असर बहराइच जिले बड़े पैमाने पर देखने को मिला है. जिले भर में रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश के बाद जिले के दो विकासखंडों रिसिया व तेजवापुर इलाके में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की गेहूं, आलू, सरसों, धनिया की फसलों को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है. जिसके बाद किसानों में बड़ी मायूसी देखने को मिल रही है. गौरतलब है कि जिले में लगभग 8 लाख किसान हैं. जिन्होंने लगभग 1,87790 हेक्टेयर क्षेत्र मेंं गेहूं की बुवाई की है. वहीं 11837 हेक्टेयर में सरसों की बुवाई हुई है. जबकि 1,02303 किसानो ने ही अपनी फसल का बीमा करवाया है. ऐसे में बेमौसम बारिश वा बड़े पैमाने पर हुई ओलावृष्टि से किसानों के चेहरों की रौनक पूरी तरह गायब हो चुकी है.

बिजनौर 

बिजनौर में 3 दिन से लगातार जमकर हुई बारिश से गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है. खेत में पानी भर जाने के कारण गेहूं और सरसों की फसले गिर गई हैं.किसान भूपेंद्र सिंह और श्याम सिंह का कहना है की यह बारिश बिन मौसम हुई है जिसने हमें नुकसान पहुंचा है. इस बारिश से गेहूं की बाली को नुकसान हुआ है. किसानो का कहना है कि अब गेहूं का दाना छोटा रह जाएगा और मानक के अनुसार फसल नहीं पैदा हो पाएगी. इसकी वजह से उनका काफी नुकसान होगा.

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शामली 

पिछले तीन दिनों से मौसम में आए विभिन्न बदलावों का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. बारिश के चलते यहां मिट्टी में नमी बढ़ गई हैं. वहीं ओलावृष्टि से सरसो, गेहूं और आम को नुकसान पहुंचा है. सबसे अधिक नुकसान सरसो की फसल में दिखाई दे रहा है.किसानों ने सरकार से नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है.टिटौली निवासी किसान प्रवेश कुमार ने बताया कि शनिवार—रविवार की रात भी भीषण ओलावृष्टि होने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सरसों की फसल पक रही थी, लेकिन अब वह करीब 30 से 40 प्रतिशत तक खराब हो गई है. वहीं गेहूं कि फ़सल को भी काफ़ी नुकसान हुआ है.किसान ने बताया कि ओलावृष्टि से गन्नों की फसल भी गिर गई है. लिलौन निवासी किसान राजबीर ने बताया कि पिछले करीब तीन दिनों से बारिश तेज हवा और ओलावृष्टि से सरसो व गेहूं के अलावा आम की फसलों को  काफी नुकसान पहुंचा है.

इटावा 

उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा में बे मौसम बरसात ने किसानों को परेशान कर दिया है. मार्च महीने में इस बरसात के होने से सरसों की फसल और गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है और किसानो की मेहनत पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है. इस बे मौसम बरसात और ओलावृष्टि से उसकी मेहनत बर्बाद होती दिखाई दे रही है, सरसों की फसल पककर कटने के लिए तैयार है. तो वहीं गेहूं की फसल भी पकने से पहले ही वह खेतों में बिछ गई है. जिससे खेत में ही गेहूं की पैदावार नष्ट होने से किसान की चिंताओं की लकीरें बढ़ गई है. बरसात के बीच में ही ओले गिरने से भी जिस तरह से फसल टूट गई है और जहां आलू की भी खुदाई चल रही है वह खेत भी गीले होने की वजह से आलू सड़ने की भी संभावना है.जनपद में एक हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में ओलावृष्टि होने से सरसों, गेंहू और आलू के खेतों में नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है.सैफई तहसील ताखा तहसील सदर तहसील और भरथना तहसील के क्षेत्र में आधा सैकड़ा से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है.जिस कारण किसान परेशान हो रहा है.कृषि उपनिदेशक ने फसल बीमा कंपनी को जल्दी ही सर्वे करके किसान के नुकसान की भरपाई के लिए भी निर्देशित किया है जिससे किसानों के हुए नुकसान का सही पता लगाया जा सके.कृषि विभाग के अनुसार गेहूं में 30% और सरसों की फसल में लगभग 25 प्रतिशत से अधिक का नुकसान होता दिख रहा है, जिससे पैदावार में बड़ा नुकसान होगा.

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एटा 

एटा जिले में बे मौसम हुई बारिश से किसानों को गेंहूं और आलू की फसलों में नुकसान हुआ है. गेंहू की फसल में बारिश के कारण दस प्रतिशत तो आलू की फसल में पंद्रह प्रतिशत नुक्सान हुआ है. एसडीएम सदर भावना बिमल ने बताया कि किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन कराया जा रहा है. नुकसान का आंकलन होते ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा.

फतेहपुर 

फतेहपुर जिले में बेमौसम हुई बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण सरसो और चना, गेहूं, लाही व अरहर की फसलों का नुकसान हुआ है. बर्बाद हुई फसलों की आंकड़ों की बात करें तो तीस प्रतिशत लाही, सरसो और गेहूं की फसल में तक़रीबन 20 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है. फसल के नुकसान से किसानों के सपने टूट रहे हैं और चिंता अब यह है की फसल नहीं बची तो परिवार कैसे चलेगा.बेमौसम हुई बारिश का प्रभाव किसी एक क्षेत्र में नहीं पूरे जिले में है. उपनिदेशक कृषि राम मिलन परिहार का कहना है कि फसल बीमा कंपनी के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर पंचायतवार सर्वे कर फसल के नुकसान का आकलन तैयार करें और उसी आधार पर किसानों को बीमा का मुआवजा दिया जाएगा. सर्वे का काम जारी है और जल्द ही नुकसान की स्थिति निकलकर सामने आ जाएगी.

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शासन ने दिए सर्वे कर मुआवजा देने के निर्देश

उत्तर प्रदेश शासन द्वारा ओलावृष्टि और बारिश से हुई फसलों के नुकसान के सर्वे के निर्देश सभी जिलाधिकारियो को दिए गए हैं. इस संदर्भ में जानकारी देते हुए चंदौली के डीएम निखिल टी. फुंडे ने बताया कि जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया था. उनके फसलों का नुकसान का आंकलन बीमा कंपनियां कर रही हैं. इसके साथ हो शासन के निर्देशानुसार जिला स्तर पर भी किसानों की फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं और सर्वे होने के बाद जल्द से जल्द किसानों के नुकसान की भरपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

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