खेत-खलिहानों में चूहों का आतंक, किसानों पर मंडराने लगा इस खतरनाक बीमारी का खतरा

कृषि विभाग के मुताबिक लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस एक "ओरिएटिया सुसुगामुशी " नाम बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक्यूट रोग है. जुओं के आकार का दिखने वाला ये कीट आमतौर पर झाड़ी या नमी वाले स्थान पर पाया जाता है. ये कीट चूहों के शरीर पर भी होते हैं. इस कीट के काटने से मनुष्य के शरीर में ये बैक्टीरिया आसानी से फैल जाता है. 

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Rat ( File pic) Rat ( File pic)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 25 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:28 PM IST

खरीफ की फसलें तैयार होने की स्थिति में पहुंच रही हैं. अगले महीने से इसकी कटाई की प्रकिया शुरू हो जाएगी. हालांकि, उससे पहले खरीफ की फसलें भी कई तरह के रोगों का शिकार हो रही हैं. साथ ही इस वक्त चूहों और  छछूंदरों का भी प्रभाव खेतों में बढ़ गया है. ये चूहे फसल तो बर्बाद कर ही रहे हैं. साथ ही किसानों को भी बीमार कर रहे हैं. दरअसल, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस नाम की बीमारी लोगों में चूहों के जरिए तेजी से फैल रही है.  इससे बचाव के लिए बांदा के कृषि विभाग विभाग द्वारा संज्ञचारी रोग नियंत्रण / दस्तक अभियान 03 से 31 अक्टूबर 2023 तक चलाने का फैसला किया गया है.

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कृषि विभाग के मुताबिक लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस एक "ओरिएटिया सुसुगामुशी " नाम बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक्यूट रोग है. जुओं के आकार का दिखने वाला ये कीट आमतौर पर झाड़ी या नमी वाले स्थान पर पाया जाता है. ये कीट चूहे के शरीर पर भी होते हैं. इस कीट के काटने से मनुष्य के शरीर में ये बैक्टीरिया आसानी से फैल जाता है. 

बीमारी के क्या हैं लक्षण

लेप्टोस्पायरोसिस व स्क्रब टाइफस बीमारी आमतौर पर उन लोगों को होता है जो झाडियों वाले क्षेत्रों के आस-पास रहते हैं. जब कोई कीट या अन्य सूक्ष्म जीव किसी संक्रमित चूहे को काट लेता है तो वो भी इस बैक्टीरिया के वाहक बन जाते हैं. जब कोई स्वस्थ व्यक्ति बैक्टीरिया से संक्रमित कीट के सम्पर्क में आता है तो स्वस्थ व्यक्ति भी 'लेप्टोस्पायरोसिस व स्क्रब टाइफस' से संक्रमित हो जाता है. लेप्टोस्पायरोसिस व स्क्रब टाइफस से संक्रमित कोई कीट जब काटता है तो उसके काटने से 6 से 21 दिन के बाद अचानक से तेज बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द आदि जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. 

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रोकथाम के लिए क्या करें

इस रोग से बचने के लिए पूरी बांहो वाले कपड़े पहनना चाहिए, साथ ही अपने कपड़ों को बाहर से आने के बाद धूल लें. घर के आसपास घास या जमीन पर ना लेटे. घर में या घर के आस-पास चूहे न होने दें, क्योंकि चूहों के शरीर पर ये कीट रहते हैं जिनमें लेप्टोस्पायरोसिस तथा स्क्रब टाइफस के बैक्टीरिया पाये जाते है. 

बरसात के वक्त इन रोगों का प्रभाव बढ़ जाता है

कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार किसानों के साथ साथ आम लोगो को इससे बचाव करने की अपील की है. उन्होंने यह भी बताया कि बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरा होने से चूहें सुरक्षित स्थानों पर भागते हैं, क्योंकि उनके बिलो में पानी भर जाता है. जिससे घरों पर पहुंचने पर यह बीमारी आम लोगो के लिए खतरा बन जाती है. 
 

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