गन्ने की खेती में ये 3 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, समय रहते संभाल लें किसान

गन्ने की खेती में बेहतर पैदावार के लिए सही समय पर सही फैसले और कीट नियंत्रण के घरेलू उपाय जरूरी हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाया जा सके.

Advertisement
शुरुआत में ही सावधानी रखी जाए, तो गन्ने की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है. शुरुआत में ही सावधानी रखी जाए, तो गन्ने की फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

गन्ने की खेती में अच्छी पैदावार के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसले लेना भी जरूरी होता है. कई बार छोटी-छोटी गलतियां फसल को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाती रहती हैं और जब तक किसान समझ पाते हैं, तब तक देर हो चुकी होती है. खासकर शुरुआती स्टेज में की गई लापरवाही पूरी फसल पर भारी पड़ सकती है.

Advertisement

अगर फसल में कीटों का हमला शुरुआती अवस्था में ही पहचान लिया जाए, तो बिना महंगे केमिकल के भी इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है. कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, कई बार किसान सीधे तेज दवाओं का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, जबकि शुरुआत में घरेलू उपाय ही काफी असरदार साबित होते हैं.

गलती नं. 1: शूट बोरर को नजरअंदाज करना
गन्ने में लगने वाला शूट बोरर एक बेहद खतरनाक कीट है, जो पौधे को अंदर से नुकसान पहुंचाता है और धीरे-धीरे पूरी फसल खराब कर सकता है.

लक्षण

  • पौधे का बीच से सूख जाना (डेड हार्ट बनना)
  • नई पत्तियों का पीला पड़ना और सूखना
  • पौधे की बढ़वार रुक जाना
  • तना अंदर से खोखला होना

क्या करें

  • खेत की नियमित निगरानी करें
  • प्रभावित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करें
  • समय पर कीटनाशक या जैविक नियंत्रण अपनाएं

गलती नं. 2: कमजोर पौधों को नजरअंदाज करना
कई किसान शुरुआत में छोटे या कमजोर पौधों पर ध्यान नहीं देते, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाते हैं.

Advertisement

ऐसे पौधों से रहें सावधान

  • पतले और पीले दिखाई देने वाले पौधे
  • धीमी गति से बढ़ने वाले पौधे
  • कमजोर या कम विकसित जड़ें
  • पत्तियों में चमक और ताकत की कमी

क्या करें

  • कमजोर पौधों को पहचानकर अलग करें
  • सही मात्रा में पोषण (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) दें
  • जैविक खाद और गोबर खाद का इस्तेमाल बढ़ाएं

गलती नं. 3: यूरिया का ज्यादा इस्तेमाल
किसान अक्सर ज्यादा हरी-भरी फसल के लिए यूरिया का अत्यधिक उपयोग कर देते हैं, जो नुकसानदायक साबित होता है.

ज्यादा यूरिया देने के नुकसान

  • पौधा बाहर से हरा, अंदर से कमजोर हो जाता है
  • तना कमजोर बनता है, गिरने की संभावना बढ़ती है
  • कीट और रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है
  • मिट्टी की सेहत खराब होती है

क्या करें

  • संतुलित खाद (एनपीके) का सही अनुपात में उपयोग करें
  • मिट्टी की जांच के अनुसार खाद डालें
  • यूरिया को एक बार में ज्यादा देने के बजाय किस्तों में दें.
     
---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement