आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन क्या आपने कभी काले रंग का आम देखा है? एक ऐसी दुर्लभ किस्म मौजूद है जो न सिर्फ दिखने में अलग है, बल्कि किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया भी बन रही है. इस खास आम का नाम कस्तूरी आम है. यह दुनिया के सबसे दुर्लभ और अनोखे आमों में गिना जाता है. इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका गहरा काला छिलका है, जो इसे बाजार में तुरंत अलग पहचान दिलाता है. हालांकि बाहर से काला दिखने वाला कस्तूरी आम अंदर से बिल्कुल अलग होता है. इसका गूदा चमकीला नारंगी, बेहद मीठा और रसदार होता है. इसकी खुशबू भी काफी तेज और आकर्षक होती है, जो इसे प्रीमियम कैटेगरी में शामिल करती है.
किसानों के लिए क्यों खास है ये आम?
इस आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंची बाजार कीमत है. दुर्लभ होने के कारण इसकी मांग हमेशा ज्यादा रहती है, जिससे किसान इसे बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, सही तकनीक और देखभाल के साथ इसकी खेती करने पर किसान लाखों रुपये तक की कमाई कर सकते हैं.
कहां और कैसे होती है खेती?
कस्तूरी आम मुख्य रूप से दक्षिण भारत के कुछ सीमित इलाकों में पाया जाता है. इसकी खेती के लिए गर्म और नम जलवायु उपयुक्त मानी जाती है. अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पर्याप्त धूप इसकी ग्रोथ के लिए जरूरी होती है.
बढ़ती डिमांड, सीमित सप्लाई
आज के समय में लोग एक्सोटिक और अलग तरह के फलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. यही वजह है कि कस्तूरी आम की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि इसकी उपलब्धता काफी सीमित है. इस कारण इसकी कीमत सामान्य आमों के मुकाबले कई गुना ज्यादा होती है.
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसानों को इस किस्म की सही जानकारी और पौध उपलब्ध कराई जाए, तो यह उनके लिए एक हाई-प्रॉफिट फसल साबित हो सकती है. खासकर छोटे किसान इसे अपनाकर अपनी आय में अच्छा इजाफा कर सकते हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क