सेहत के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता ने चिया सीड्स को मार्केट में खास पहचान दिलाई है. चिया सीड्स वेट लॉस, डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट डिज़ीज के रिस्क को कम करने में मदद करते हैं. फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चिया सीड्स घर पर गमले में भी आसानी से उगाए जा सकते हैं. चिया के पौधों को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती. यही वजह है कि पानी की कमी होने पर भी चिया के पौधे अच्छी ग्रोथ करते हैं. आइए जानते हैं घर पर चिया सीड्स उगाने का पूरा प्रोसेस.
1- बीजों को तैयार करें
चिया सीड्स को 5-10 मिनट के लिए साफ पानी में भिगो दें. जिससे बीजों पर जेल जैसा लेयर बन जाएगी. इस प्रक्रिया से अंकुरण तेजी से होता है. ध्यान दें कि चिया सीड्स को ज्यादा देर न भिगोएं, वरना बीज खराब हो सकते हैं.
2- गमले की तैयारी
गमले के नीचे अच्छे ड्रेनेज होल होने चाहिए. नीचे 1-2 इंच मोटी परत में कंकड़, बजरी या ब्रोकन टाइल्स रखें. फिर पॉटिंग मिक्स भरें जिसमें 50% कोकोपीट, 30% वर्मीकंपोस्ट और 20% रेत या परलाइट हो. साथ ही ढीली और नमी वाली मिट्टी हल्की होनी चाहिए.
3- गमले में बीज बोना
भिगोए हुए चिया सीड्स को मिट्टी की सतह पर समान रूप से फैला दें. इन्हें मिट्टी से ढकने की जरूरत नहीं है, बस हल्के हाथ से दबा दें ताकि वे मिट्टी से चिपक जाएं. चिया सीड्स को सतह पर बोना सबसे अच्छा तरीका है.
4- पानी देना और नमी बनाए रखना
स्प्रे बोतल से हल्का पानी छिड़कें. मिट्टी नम रहे, लेकिन पानी जमा न हो. शुरुआती 3-4 दिनों तक रोज 2-3 बार स्प्रे करें. जेल बनने के कारण चिया खुद नमी को बनाए रखते हैं.
5- सही जगह और तापमान
गमले को 20-25 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली जगह पर रखें. सुबह की नरम धूप दें. ज्यादा तेज धूप से बचाएं, वरना पौधे जल सकते हैं.
बीज बोने के 5-6 दिन बाद ही छोटे-छोटे अंकुर दिखने लगेंगे. 10 दिनों में माइक्रोग्रीन्स 5-8 सेमी ऊंचे हो जाएंगे, तब कैंची से कटाई करके सलाद-सैंडविच या स्मूदी में इस्तेमाल कर सकते हैं. बता दें कि चिया का पौधा 3-5 फीट तक बढ़ सकता है. फूल आने पर उन्हें तोड़े नहीं बल्कि सूखने दें. पौधे पर फूल आने और उन्हें सूखने की प्रक्रिया में 3-4 महीने का समय लग सकता है. फूलों से चिया सीड्स निकाल सकते हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क