गर्मी का मौसम शुरू होते ही सब्जी बाजार में खीरे की मांग बढ़ जाती है. अगर आप किसान हैं और कम समय में अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो खीरे की खेती आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. गेहूं की फसल काटने के बाद खाली खेत में खीरे की खेती की जाए तो फायदे का सौदा साबित हो सकती है. सही तरीके से खेती करने पर खीरे की फसल सिर्फ 60 दिन में तैयार हो जाती है और प्रति एकड़ अच्छा मुनाफा दे सकती है.
खीरा एक ऐसी फसल है जो गर्म और नम जलवायु में अच्छी पैदावार देती है. खीरे की खेती के लिए तापमान 25 से 35 डिग्री सेल्सियस सबसे उपयुक्त माना जाता है. अप्रैल में बुवाई करके जून तक तुड़ाई शुरू की जा सकती है. गर्मियों में खीरे की खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं.
कैसी मिट्टी में होती है खीरे की खेती?
खीरे की खेती के लिए दोमट या रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है. मिट्टी का pH 6 से 7 के बीच होना चाहिए. खेत में पानी का अच्छा निकास जरूरी है.
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कैसे तैयार करें खेत?
बीज की मात्रा और बुवाई का तरीका
एक एकड़ खेत के लिए लगभग 1 किलोग्राम बीज काफी होते हैं. हाइब्रिड किस्मों में 200-400 ग्राम प्रति एकड़ भी पर्याप्त होते हैं. प्रति हेक्टेयर 2-3 किलो बीज की जरूरत पड़ती है. बुवाई से पहले बीजों को 4-6 घंटे पानी में भिगोकर उपचारित करें. बीज को 2-3 सेंटीमीटर गहराई पर बोएं. F1 हाइब्रिड बीज चुनें, जैसे Pusa Uday, Pusa Barkha, Punjab Naveen या HW-216 किस्में जल्दी तैयार होती हैं. इनमें रोग लगने की संभावना भी कम होती है.
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खाद और उर्वरक
सिंचाई और देखभाल
फसल कब तैयार होती है और तुड़ाई कैसे करें?
बुवाई के 30-40 दिन बाद फूल आने शुरू हो जाते हैं. 60 दिन में पहली तुड़ाई हो सकती है. खीरे को छोटा और हरा रहते हुए तोड़ें, जब बीज नरम हों.सामान्य खेती में प्रति एकड़ 33-70 क्विंटल तक उपज मिल सकती है.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क