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'कब तक पुरानी लड़ाइयां लड़ेंगे, अब पाकिस्तान बने मॉडर्न मुस्लिम देश', बोले PAK विदेश मंत्री

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने यह स्वीकार किया है कि भारत के साथ उनके देश के रिश्ते आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि एक दिन पाकिस्तान न सिर्फ राजनयिक बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी भारत से जुड़ेगा.  

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री को भारत से संबंध सुधरने की उम्मीद
  • भारत के साथ पाक की आर्थिक संभावनाएं खुलेंगी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत के साथ रिश्ते सुधरने की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं लेकिन एक दिन जरूर दोनों देश करीब आएंगे. दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमी फोरम की सालाना बैठक के दौरान एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ये बातें कहीं.

बिलावल ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि एक दिन पाकिस्तान न सिर्फ राजनयिक कारणों से बल्कि आर्थिक कारणों से भी भारत से जुड़ेगा. 

उन्होंने पाकिस्तान के आर्थिक और व्यापारिक अवसरों को खोलने के लिए जरूरी कदमों के बारे में बात करते हुए कहा, आज नहीं तो कल, वह दिन आएगा. जब हम अपनी आर्थिक संभावनाओं का इस्तेमाल करेंगे और समृद्धि हासिल करेंगे. 

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा, भारत के साथ हमारे संबंध यकीनन आगे नहीं बढ़ रहे हैं लेकिन एक दिन हम उस पड़ाव पर पहुंचेंगे, जब दोनों देशों के संबंध सुधरेंगे. यकीनन, वह दिन आएगा जब हम अपने पड़ोसियों के साथ संबंध सुधारेंगे सिर्फ राजनयिक तौर पर ही नहीं बल्कि आर्थिक तौर पर भी.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कई मोर्चों पर लड़ रहा है और उनके गंभीर आर्थिक खामियाजे भुगत रहा है. 

पाकिस्तान को मॉर्डन मुस्लिम देश बनने की जरूरत

बिलावल ने सवालिया लहजे में कहा, क्या हमें उन्हीं पुरानी लड़ाइयों को लड़ना जारी रखना चाहिए या फिर मॉर्डन मुस्लिम देश के रूप में पहचाना जाना चाहिए जिसका खुशहाल भविष्य हो.

उन्होंने कहा कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का बेहतरीन तरीका यही होगा कि राजनीति से जुड़ी हुई छोटी-छोटी बातों को एक तरफ रख दें. 

बिलावल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी उन क्षमताओं को खूबियों को एक्सप्लोर करना चाहिए जिनका लाभ नहीं उठाया जा सका है.

उन्होंने कहा, हम घरेलू या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह दिखा सकते हैं कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जो हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठता है. पाकिस्तान खुद की मदद कर सकता है. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हमारी क्षमताओं को समझेगा जिससे हमें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

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