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Middle class Budget 2022: निर्मला सीतारमण का बजट भाषण खत्म होते ही क्यों ट्रेंड करने लगा 'मिडिल क्लास'?

ट्विटर (Twitter) पर जैसे ही वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण (FM Nirmala Sitharaman speech) खत्‍म होते ही मिडिल क्‍लास (Middle class) ट्रेंड करने लगा, आखिर ऐसा क्‍यों हुआ? सोशल मीडिया पर विपक्ष समेत तमाम लोग सरकार पर हमलावर हो गए.

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सोशल मीडिया पर मिडिल क्‍लास हुआ ट्रेंड (रॉयटर्स ) सोशल मीडिया पर मिडिल क्‍लास हुआ ट्रेंड (रॉयटर्स )
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बजट पर विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार को घेरा
  • मिडिल क्‍लास को कुछ नहीं दिए जाने की उठी आवाज
  • बजट में इनकम टैक्स स्लैब को लेकर बदलाव नहीं

Middle Class Trend On Twitter: वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने जैसे ही अपना बजट (Budget 2022 ) भाषण खत्‍म किया, इसके बाद ट्विटर पर मिडिल क्‍लास (Middle class) ट्रेंड करने लगा. दरअसल, सरकार के बजट की हाइलाइट की बात करें तो टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ. जिसे मिडिल क्‍लास को मायूसी हाथ लगने के तौर पर देखा जा रहा है.

जबकि दूसरी तरफ कॉरपोरेट को राहत मिली है. इसके बाद ही ट्विटर पर (Middle Class) ट्रेंड करने लगा. कई विपक्षी नेताओं ने भी इस बारे में ट्वीट किया और मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की. 

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने बजट पर सवाल उठाए. वहीं टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी इसे लेकर ट्वीट किया. जिसमें उन्‍होंने कहा, इस सरकार में हीरे उनके सबसे खास दोस्‍त हैं. वहीं अन्‍य, जिनमें किसान, मिडिल क्‍लास, रोजाना कमाने वाले और जो बेरोजगार हैं. उनके लिए पीएम (जो नहीं है) केयर हैं. 

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी निर्मला सीतारमण (FM Nirmala sitharaman) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा भारत में वेतन पाने वाला वर्ग, मिडिल क्‍लास, इस बात की उम्‍मीद कर रहा था कि उसे कोई राहत मिलेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. डायरेक्‍ट टैक्‍स को लेकर भी निराश किया. 

वहीं सोशल मीडिया पर मिडिल क्‍लास ट्रेंड होते हुए कई मीम्‍स की बारिश भी हो गई. जिसमें लोगों ने यही कहा कि लोगों को उम्‍मीद थी कि इनकम टैक्‍स स्‍लैब को लेकर कोई न कोई बदलाव होगा, जोकि हुआ नहीं. कुल मिलाकर ज्‍यादातर यूजर्स ने यही कहा कि मिडिल क्‍लास के लिए निर्मला सीतारमण के बजट में कुछ नहीं था.

वहीं बजट पेश होने के बाद जब शशि थरूर भी बाहर आए तो उन्‍होंने भी कहा कि हम मुद्रास्‍फीति में गिरावट का सामना कर रहे हैं. इसके बाद भी मिडिल क्लास के लिए टैक्‍स को लेकर कोई छूट नहीं दी गई. अब 'अच्‍छे दिन' और दूर चले गए हैं. हमें 25 सालों तक अच्‍छे दिन आने का इंतजार करना होगा. हालांकि, एक अहम घोषणा बजट में हुई अगर किसी टैक्सपेयर से रिटर्न (ITR) फाइल करते समय कैलकुलेशन में कोई गलती हो जाती है तो इसे सुधारने के लिए 2 साल का समय मिलेगा. 

 

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