अपने पिता के निधन के बावजूद परिवार से दूर भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़ी सीरीज की तैयारी में कप्तान विराट कोहली की ‘मजबूत बनने’ की सलाह ने उनकी काफी मदद की.
कोहली भी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाते हुए निजी त्रासदी का सामना कर चुके हैं. कोहली 2007 में जब किशोर थे, तब रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान उनके पिता का निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने अगले दिन मैदान पर वापसी करते हुए दिल्ली की ओर से 97 रनों की शानदार पारी खेली.
सिराज के पिता मोहम्मद गौस का पिछले हफ्ते फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के कारण हैदराबाद में निधन हो गया. वह 53 साल के थे. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने सिराज को स्वदेश लौटने का विकल्प दिया था, लेकिन इस तेज गेंदबाज ने राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलने का फैसला किया.
26 साल के सिराज ने यहां भारतीय टीम के ट्रेनिंग सत्र के इतर कहा, ‘विराट भाई ने कहा कि मियां तनाव मत लो और मजबूत बनो. तुम्हारे पिता चाहते थे कि तुम भारत के लिए खेलो. इसलिए ऐसा करो और तनाव मत लो.’
Want to fulfill my father's dream: Siraj
— BCCI (@BCCI)
The fast bowler speaks about overcoming personal loss and why he decided to continue performing national duties in Australia. Interview by
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उन्होंने कहा, ‘कप्तान ने मुझे कहा कि अगर इस स्थिति में तुम मजबूत बन पाए तो इससे तुम्हें मदद ही मिलेगी. ये भारतीय कप्तान के सकारात्मक शब्द थे और इन्हें सुनकर काफी अच्छा लगा.’
क्रिकेटर के रूप में सिराज के शुरुआती वर्षों में उनके पिता ऑटो रिक्शा चलाते थे और इस क्रिकेटर पर उनका काफी प्रभाव है. उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए काफी बड़ा नुकसान है क्योंकि वह मेरे सबसे बड़े समर्थक थे. वह चाहते थे कि मैं अपने देश के लिए चमकूं और मैं अब उनके सपनों को साकार करना चाहता हूं.’
सिराज ने अपना साथ देने वाले टीम के अपने साथियों को भी धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘मैं टीम के अपने साथियों का आभारी हूं कि उन्होंने इस मुश्किल समय में मेरा साथ दिया और हर चीज का ख्याल रखा.’
सिराज ने कहा कि उनकी मां ने भी उन्हें दौरे से वापसी नहीं लौटने की सलाह दी, जिसकी शुरुआत 27 नवंबर से सीमित ओवरों के मुकाबले के साथ होगी.
उन्होंने कहा, ‘अम्मी ने कहा कि एक दिन सभी को जाना होता है. आज तुम्हारे पिता गए, कल मैं हो सकती हूं. वही करो जो तुम्हारे पिता चाहते थे. भारत के लिए खेलो. शायद वह शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हों, लेकिन मैं महसूस कर सकता हूं कि वह हमेशा मेरे साथ मौजूद है.’