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बोपन्ना ने AITA पर लगाया खिलाड़ियों को गुमराह करने का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

डबल्स टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने दिविज शरण के साथ टोक्यो ओलंपिक के लिए कट हासिल करने में विफल रहने के बाद ट्वीट कर अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA) पर सभी को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

Rohan Bopanna (Getty) Rohan Bopanna (Getty)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • टोक्यो ओलंपिक में टेनिस के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होंगे
  • बोपन्ना-दिविज की जोड़ी क्वालिफिकेशन हासिल करने में नाकाम रही

डबल्स टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने दिविज शरण के साथ टोक्यो ओलंपिक के लिए कट हासिल करने में विफल रहने के बाद अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA) पर निशाना साधा है. बोपन्ना ने ट्वीट कर AITA पर सभी को गुमराह करने का आरोप लगाया कि उसने सुमित नागल के साथ उनकी जोड़ी बनाकर कहा कि क्वालिफिकेशन हासिल का मौका है. ओलंपिक में टेनिस के मुकाबले 24 जुलाई से शुरू होंगे.

बोपन्ना के ट्वीट पर सानिया ने भी प्रतिक्रिया देते हुए एआईटीए पर निशाना साधा था. एआईटीए ने बोपन्ना पर पलटवार करते हुए कहा कि उसने केवल उनकी मदद करने की कोशिश की क्योंकि वह अपने दम पर क्वालिफाई करने में नाकाम रहे थे. एआईटीए ने टोक्यो खेलों में पुरुष युगल स्पर्धा के लिए पहले बोपन्ना और शरण के नाम की नामांकन की घोषणा की थी. 

बोपन्ना (विश्व रैंकिंग 38) और शरण ( विश्व रैंकिंग 75) की संयुक्त रैंकिंग 113वीं है, जो क्वालिफिकेशन हासिल करने में नाकाम रही. अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के अनुसार 16 जुलाई की समय सीमा से कुछ दिन पहले यह जोड़ी विकल्प की सूची में पांचवें स्थान पर थी.

नागल ने इसके बाद पुरुष एकल के लिए क्वालिफाई कर लिया. कोविड-19 महामारी के कारण ओलंपिक में टेनिस में युगल मुकाबलों को उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्होंने एकल के लिए क्वालिफाई किया है. एआईटीए ने इसके बाद पुरुष युगल में नागल के साथ बोपन्ना की जोड़ी बना दी.

बोपन्ना ने ट्वीट किया, ‘आईटीएफ ने कभी भी सुमित नागल और मेरे लिए जोड़ी को स्वीकार नहीं किया. आईटीएफ स्पष्ट था कि नामांकन की समय सीमा (22 जून) के बाद चोट/बीमारी के बिना किसी भी बदलाव की अनुमति नहीं थी. एआईटीए ने खिलाड़ियों, सरकार, मीडिया और बाकी सभी को यह कहकर गुमराह किया है कि हमारे पास अभी भी मौका है.’

एआईटीए महासचिव अनिल धूपर ने कहा कि उन्होंने नामांकन बदलने के लिए आईटीएफ से संपर्क किया. धूपर ने पीटीआई से कहा, ‘हमने आईटीएफ को लिखा था कि हम नामांकन बदलना चाहते हैं और अब नागल के साथ बोपन्ना की जोड़ी बनाना चाहते हैं, इसलिए कृपया हमें सलाह दें कि कैसे आगे बढ़ना है. उन्होंने हमें इसका जवाब दिया कि नामांकन को केवल चोट और बीमारी या किसी विशेष परिस्थिति में ही बदले जा सकते हैं.’

उन्होंने सवाल किया, ‘ऐसे में किसी को गुमराह करने का सवाल ही कहां है. हमें ऐसा कर के क्या फायदा होगा? सच तो यह है कि बोपन्ना की रैंकिंग क्वालिफिकेशन के लिहाज से काफी अच्छी नहीं थी. हमने केवल उनकी मदद करने की कोशिश की, ताकि वह खेलों में प्रतिस्पर्धा कर सके. उन्होंने अपने दम पर क्वालिफाई क्यों नहीं किया?’

बोपन्ना के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सानिया मिर्जा ने कहा, ‘क्या ? अगर यह सच है तो यह बिल्कुल हास्यास्पद और शर्मनाक है. इसका मतलब यह भी है कि हमने मिश्रित युगल में पदक के एक अच्छे मौके को गंवा दिया. अगर आप और मैं योजना के अनुसार खेलते मौका बन सकता था। हम दोनों को बताया गया कि आपके और सुमित के नाम दिए गए हैं.’

मिश्रित युगल में हालांकि पदक का मौका बनने का सवाल ही नहीं था क्योंकि बोपन्ना पुरुष युगल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके. ओलंपिक में केवल वही खिलाड़ी मिश्रित युगल में भाग ले सकते हैं जो पहले से एकल या युगल ड्रॉ का हिस्सा हैं.

एआईटीए ने बयान जारी कर कहा, ‘रोहन बोपन्ना और फिर सानिया मिर्जा की ट्विटर टिप्पणियां अनुचित तथा भ्रामक हैं और ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘बोपन्ना आईटीएफ नियमों के मुताबिक क्वालिफाई नहीं कर सकते थे. इसलिए सानिया मिर्जा का ट्वीट भी निराधार है और उनके कद के खिलाड़ी से ऐसी प्रतिक्रिया आना निंदनीय है.’

उन्होंने कहा, ‘हमने आईटीएफ से पूछा कि क्या सुमित नागल के क्वालिफाई होने के बाद उनका, रोहन बोपन्ना के साथ पुरुष युगल में प्रवेश के लिए पर्याप्त होगा. आईटीएफ ने हमें सूचित किया कि विभिन्न कारणों और नियमों की वजह से इस स्तर पर ऐसा नहीं किया जा सकता है. अगर ऐसा हो भी जाता है, तब भी यह जोड़ी क्वालिफाई नहीं कर पाएगी.’ एआईटीए ने कहा, ‘बोपन्ना और नागल की जोड़ी विकल्प की सूची में तीसरे स्थान (आईटीएफ के मुताबिक) की जोड़ी होती.' 

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