चक्रवाती तूफान Tauktae के कारण महाराष्ट्र से लेकर गुजरात तक तबाही मची है. अलग-अलग इलाकों में तूफान के बीच आई तेज हवा और बारिश ने अपना कहर बरपाया. लेकिन इससे इतर मुंबई के पास इस तूफान के बीच समुद्र में एक नाव फंस गई थी, जिसमें करीब 273 लोग थे.
ये नाव तूफान के बीच डूब गई, जिसके बाद भारतीय नेवी ने राहत बचाव का काम शुरू किया और मंगलवार सुबह तक कुल 177 लोगों को बचा लिया है.
लोगों को निकालने के काम में भारतीय नेवी लगी हुई है, आईएनएस कोच्चि, आईएनएस कोलकाता और अन्य बड़े जहाज भी मिशन में लगे हैं.
भारतीय नेवी के मुताबिक, इंडियन नेवल P8I सर्विलांस एयरक्राफ्ट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. नेवी के हेलिकॉप्टर भी इस काम में जुटे हैं. मंगलवार को इस ऑपरेशन की गति को बढ़ाया जाएगा और सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा.
on Search & Rescue Ops
— SpokespersonNavy (@indiannavy)
Helo airborne from Mumbai. for crew of Barge P305 in progress. heading to render assistance to Barge Support Station 3 & Drill Ship Sagar Bhushan - adrift off Port (1/2).
अपने रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच नेवी ने बताया कि एक बड़ी नौका (Barge 305) जिसमें 273 लोग सवार थे, वह डूब गई जिसमें से 177 को बचा लिया गया है. इसके अलावा भी एक नाव थी जो कोलाबा से कुछ दूरी पर फंस गई थी, जिसमें 137 लोग सवार थे. जिन्हें बचाने के लिए नेवी की ओर से सपोर्ट भेजा गया था.
इसके अलावा नेवी का आईएनएस तलवार एक तेल निकालने वाली जगह पर नज़र बनाए हुए है, जहां 101 लोग मौजूद हैं. इन सभी को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश की जा रही है.
कई टीमों को अलर्ट पर रखा गया है
आपको बता दें कि चक्रवात तूफान ताउते से मुकाबले के लिए भारतीय नेवी ने अपनी कई टीमों को तैनात किया हुआ है. करीब 11 डाइविंग टीम को तैयार रखा हुआ है, जिन्हें राज्य सरकारों की सिफारिश पर आगे भेजा जाएगा.
तूफान के कारण अगर कोई बड़ा नुकसान होता है, तो उसके लिए रिपेयर एंड रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है. वहीं, पश्चिमी सी-बोर्ड की कई बड़ी शिप भी अलर्ट पर हैं, जो कि रेस्क्यू और रिलीफ के काम में लगेंगी.
गौरतलब है कि ऑपरेशन ताउते ने महाराष्ट्र में बीते दिन दस्तक दी थी, यहां करीब 6 लोगों की जान चली गई है. जबकि देर रात को ये तूफान गुजरात पहुंचा, वहां पर भी नुकसान दर्ज किया गया है. मुंबई में बीते दिन तेज़ हवाओं के बाद बारिश हुई, तो वहीं गुजरात, दमन-दीव के तटीय इलाकों में भी ऐसा ही असर दिखा.