सीमा से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को असम और मिजोरम बॉर्डर (Assam-Mizoram Border Dispute) पर जमकर बवाल हुआ. दोनों राज्यों के लोगों, पुलिस के बीच हिंसा हुई और इसमें असम पुलिस के पांच पुलिस जवान शहीद हो गए. अभी भी पूरी तरह से ये विवाद थमा नहीं है, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री एक-दूसरे से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं. जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से बात की है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मंगलवार सुबह सिलचर पहुंचकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी. मिजोरम बॉर्डर पर हुए संघर्ष में असम पुलिस के पांच जवान शहीद हुए हैं. राज्य में तीन दिन का शोक घोषित किया गया है.
We are deeply anguished by the loss of lives of our brave personnel.
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa)
I visited Silchar SP Office and paid floral tributes to the five martyrs and salute their sacrifice.
जंगल में छिपकर की जा रही फायरिंग
असम के काछर, करीमगंज, हैलाकांडी इलाके जो कि मिजोरम के एज़वाल, मामित और कोलासेब से जुड़ते हैं, वहां पर ही हिंसा हो रही है. इसी विवाद के कारण बीते दिन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर वॉर भी हुई. मिजोरम के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के मुताबिक, असम पुलिस ने हमारे लोगों पर ओपन फायरिंग की, ग्रेनेड फेंके. ऐसे में हमारे पास जवाबी फायरिंग करने के अलावा कोई चारा नहीं था.
After killing 5 Assam police personnel and injuring many , this is how Mizoram police and goons are celebrating.- sad and horrific
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa)
वहीं, एक असम पुलिस ऑफिसर के मुताबिक, इस हिंसा में करीब पचास लोग घायल हुए हैं. अभी भी लोग जंगलों में छिपे हुए हैं, जहां से गोलियों की आवाज़ें आ रही हैं. पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जब दोनों पक्षों के लोग बातचीत कर रहे थे, तब कुछ उपद्रवियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद बवाल शुरू हुआ.
CRPF ने संभाल लिया है मोर्चा
बॉर्डर पर जारी हिंसा के बाद अब यहां CRPF ने यहां पर मोर्चा संभाल लिया है. जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ की दो कंपनियों को अभी तैनात किया गया है. बीती शाम को ही CRPF ने लाउडस्पीकर की मदद से सभी से वापस जाने और शांति बनाए रखने की अपील की थी.
संसद में भी उठेगा यह विवाद
असम कांग्रेस के नेता गौरव गोगोई की ओर से लोकसभा में नोटिस दिया गया है. जिसमें उन्होंने असम-मिजोरम बॉर्डर पर हुए बवाल को लेकर चर्चा की मांग की है. वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा भी ट्विटर पर इस हिंसा की निंदा की गई है. राहुल गांधी ने इसी के साथ गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है. राहुल ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री एक बार फिर देश में शांति स्थापित करने में फेल साबित हुए हैं.
संसद के अलावा कांग्रेस ज़मीन पर भी इस मसले को उठाएगी. बुधवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल असम-मिजोरम बॉर्डर का दौरा करेगा. इसमें सांसदों और विधायकों की टीम होगी. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब समाज को तोड़ने वालों के हाथ में एकता स्थापित करने की ज़िम्मेदारी आती है, तब इसी तरह का नतीजा दिखाई पड़ता है.