
कर्नाटक में इस समय कथित बिटकॉइन घोटाले ने बीजेपी को सवालों के घेरे में ला दिया है. कांग्रेस लगातार इसे देश का सबसे बड़ा बिटकॉइन घोटाला बता रही है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग उठा रही है. लेकिन अब कई दिनों से बैकफुट पर चल रही कर्नाटक बीजेपी ने भी कांग्रेस पर बड़ा हमला कर दिया गया है. ये वार कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया पर किया गया है.
बिटकॉइन घोटाले में बीजेपी का आरोप
बीजेपी की तरफ से सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की गई है. उस फोटो में सिद्धारमैया के दिवंगत बेटे राकेश बिटकॉइन घोटाले के मुख्य आरोपी श्रीकी संग नजर आ रहे हैं. उसी फोटो में सुनीश हेगड़े और हेमंथ भी नजर आ रहे हैं. इन सभी पर बिटकॉइन हैक करने का आरोप है. अब इसी फोटो के जरिए बीजेपी ने दावा कर दिया है कि ये घोटाला कांग्रेस कार्यकाल के दौरान का है.
ट्वीट में लिखा गया है कि हमे पूरी उम्मीद है कि आप इस इस फोटो को अच्छे से पहचान पाएंगे. इस फोटो में सुनीश और हेमंथ संग कौन नजर आ रहा है. अगर ये फोटो सही है तो बिटकॉइन हैकिंग आपके कार्यकाल के दौरान शुरू हुई थी.

सिद्धारमैया के बेटे पर आरोप, पांच साल पहले मौत
अब बीजेपी के इन आरोपों पर पूर्व सीएम ने तल्ख अंदाज में रिएक्ट किया है. उन्होंने इसे गंदी राजनीति का सबसे बड़ा उदाहण बता दिया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि बीजेपी अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए मेरे दिवंगत बेटे को बीच में घसीट रही है. मैं कर्नाटक सीएम से अपील करता हूं कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करवाई जाए.
. is trying to hide their corruption by bringing the name of my deceased son.
— Siddaramaiah (@siddaramaiah)
I urge to order for Judicial enquiry by Supreme Court to investigate about scam including our term.
वे आगे कहते हैं कि मेरे बेटे को इस दुनिया को छोड़े पांच साल हो चुके हैं. लेकिन आज भी हमारा परिवार दुखी है. ये बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज इन आरोपों पर मेरा बेटा खुद सफाई नहीं दे सकता है. बीजेपी ऐसे निजी हमले कर ओछी राजनीति को अंजाम दे रही है.
क्या है पूरा विवाद?
अब इस बिटकॉइन घोटाले की बात करें तो कुछ दिन पहले श्रीकी नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 9 करोड़ रुपए के बिटकॉइन जब्त किए गए थे. उस पर हैकिंग के जरिए कई सरकारी पोर्टलों को हैक करने का आरोप था. इसी मामले में कांग्रेस ने दावा कर दिया कि कई बड़े नेताओं की इसमें मिलीभगत है और बीजेपी इसे छिपाने का काम कर रही है. अब अभी के लिए ये मामला इतना बड़ा बन चुका है कि ईडी भी जांच कर रही है और सीबीआई भी सवाल-जवाब शुरू करने जा रही है.