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कोरोना का टीका बांझपन का कारण नहीं, हर्षवर्धन बोले- लोग वैक्सीन पर अफवाहों से बचें

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैसा कि कई अन्य टीकों में होता है, इसमें भी कुछ व्यक्तियों को साइड-इफेक्ट्स जैसे हल्के बुखार और इंजेक्शन के स्थान पर दर्द और शरीर में दर्द हो सकता है. हालांकि, ये दुष्प्रभाव अस्थायी हैं और कुछ समय बाद अपने आप चले जाएंगे. 

16 जनवरी से लगना शुरू होगा कोरोना का टीका (फाइल फोटो) 16 जनवरी से लगना शुरू होगा कोरोना का टीका (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की
  • हॉ हर्षवर्धन ने साइड-इफेक्ट्स पर सवालों के जवाब दिए
  • 16 जनवरी से शुरू हो रहा है टीकाकरण कार्यक्रम

देश में कोरोना वैक्सीनेशन के महाभियान की शुरुआत होने में दो दिन बाकी हैं. लेकिन उससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने टीकाकरण से जुड़े कुछ भ्रमों को दूर करने की कोशिश की है. डॉ हर्षवर्धन ने इसके लिए ट्विटर का सहारा लिया. स्वास्थ्य मंत्री ने आज सिलसिलेवार कई ट्वीट करके कोरोना वायरस से जुड़ी भ्रांतियों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कोरोना का टीका लेने के बाद आए हल्के बुखार को कोरोना का लक्षण नहीं समझना चाहिए. 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स पर सवालों के जवाब दिए. बता दें कि देशभर में 2,934 साइटों पर लगभग तीन लाख हेल्थकेयर वर्कर्स को टीका लगेगा. सरकार ने 200 रुपये प्रति डोज के हिसाब से कोविशील्ड की 1.1 करोड़ डोज को खरीदा है. इसके अलावा 55 लाख कोवैक्सीन की डोज को खरीदा गया है. 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जैसा कि कई अन्य टीकों में होता है, इसमें भी कुछ व्यक्तियों को साइड-इफेक्ट्स जैसे हल्के बुखार और इंजेक्शन के स्थान पर दर्द और शरीर में दर्द हो सकता है. हालांकि, ये दुष्प्रभाव अस्थायी हैं और कुछ समय बाद अपने आप चले जाएंगे. 

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क्या कोविड-19 वैक्सीन पुरुषों और महिलाओं में बांझपन का कारण बन सकता है? इस पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि यह बताने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कोरोना का टीका पुरुषों या महिलाओं में बांझपन का कारण हो सकता है. केंद्रीय मंत्री ने अपील की कि कृपया कोविड-19 के बारे में सही जानकारी प्राप्त करने के लिए सरकार के संचार के केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें. अफवाहों पर ध्यान देने से बचें.

डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन लेने से कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं हो जाता. उन्होंने कहा कि कोरोना का टीका लेने के बाद आए हल्के बुखार को कोरोना का लक्षण नहीं समझना चाहिए.

पहले दिन 3 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगेगा टीका

16 जनवरी से शुरू हो रहे इस महाभियान के पहले 3 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी. सूत्रों के अनुसार पहले दिन करीब 3 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी. 16 जनवरी के दिन वैक्सीन लगाए जाने का काम देशभर में 2,934 स्थानों पर शुरू किया जाएगा.

सूत्रों के मुताबिक एक केंद्र पर एक टीकाकरण सत्र में औसतन 100 लोगों को ही टीका लगाया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक टीकाकरण सत्र में औसतन 100 लोगों को ही टीका प्रदान करें. प्रत्येक साइट पर एक दिन में अनुचित संख्या में वैक्सीन न लगाने और हड़बड़ी न करने को लेकर राज्यों को निर्देश दिए गए हैं. 

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