कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने खत लिखकर चार राज्यों को चेतावनी जारी की है. केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए सभी राज्यों को सख्त कदम उठाने की भी बात कही है. केंद्र ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और केरल सरकारों को पत्र लिखकर सावधानी और सर्तकता बनाए रखने को कहा है. इसके अलावा उन्होंने कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी पर तुरंत सख्त कदम उठाने को भी कहा है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक हाल के दिनों में इन चारों राज्य में कोरोना केस में बढ़ोतरी हुई है. इसी वजह से इन राज्यों को कड़ी चौकसी रखने को कहा गया है. खासकर कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए. भारत के कुछ हिस्सों में नए स्ट्रेन के केस भी सामने आए हैं. मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना केस के कुल 59 प्रतिशत मामले इन्हीं चार राज्यों से हैं.
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA)
Union Health Secretary writes to , , , and to take prompt steps and to keep a ‘strict vigil’ to curb recent spike in cases
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केरल में ब्रिटेन से लौटे चार और यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. वहीं, राज्य में गुरुवार को कोविड-19 के 5,051 नए मामले सामने आए और बीमारी से 25 और मरीजों की मौत हो गई. इन नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 7,95,933 हो गए और मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,234 हो गई. इसके साथ ही राज्य में अब तक ब्रिटेन से आए कुल 47 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है.
वहीं महाराष्ट्र में कोविड-19 के 3,729 नए मामले सामने आने के साथ संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 19,58,282 हो गए हैं. संक्रमण से 72 और मौतें होने के साथ राज्य में मृतकों की संख्या बढ़कर 49,897 हो गईं हैं.
छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान 1,050 और लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है.राज्य में इस वायरस से अब तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या बढ़कर 2,85,586 हो गई है
भारत में एक दिन में कोविड-19 के 20,346 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 1,03,95,278 हो गए हैं. वहीं एक करोड़ से अधिक लोग संक्रमण मुक्त भी हो चुके हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 222 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,50,336 हो गई.
आंकड़ों के अनुसार कुल 1,00,16,859 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 96.36 प्रतिशत हो गई.