जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस अब ईरान की मदद के लिए सक्रिय हो चुका है. उन्होंने बताया कि रूस ईरान को ड्रोन भेज रहा है और पुतिन इधर घातक मिसाइलें और एयर-डिफेंस सिस्टम सप्लाई करने की तैयारी में हैं. जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया की सेना की तैनाती का उदाहरण देकर बताया कि जैसे उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए दस हजार सैनिक भेजे, वैसा ही रूस भी ईरान की सुरक्षा के लिए अपनी सेना को तैनात कर सकता है. यह स्थिति मध्य पूर्व के लिए और भी ज़्यादा गंभीर खतरा पैदा करती है.