पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर एक बार फिर से व्यापक आंदोलन छिड़ गया है. देश के कई शहरों में इमरान खान के समर्थकों ने चक्का जाम किया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया है. खासकर Attock Bridge पर हुए विरोध प्रदर्शन ने पाकिस्तान सरकार की नीतियों और स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस आंदोलन ने राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा कर दिया है, क्योंकि समर्थक अपनी मांगों पर अड़े हैं और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं.