ऐसा लग रहा है जैसे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का सिलसिला अनंत काल से चलता आ रहा है, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे का सामना करने से कतरा रहे हैं. ट्रंप ने अपने दूतों को वापस बुला लिया है, तो ईरान के विदेश मंत्री ओमान और रूस के चक्कर काट रहे हैं—यानी उस मेज को छोड़कर हर जगह जा रहे हैं जहां समाधान निकलना है. ट्रंप कहते हैं 'बस एक फोन करो', ईरान कहता है 'पहले घेराबंदी हटाओ'. न किसी ने फोन किया, न घेराबंदी हटी. सवाल यह है कि क्या ये दोनों देश जानबूझकर एक-दूसरे से बच रहे हैं? देखें 'कूटनीति'.