अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बड़ा पलटवार करते हुए सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वैश्विक टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने कहा कि वह सेक्शन 122 के तहत एक नया आदेश साइन करेंगे, जो मौजूदा टैरिफ के ऊपर अतिरिक्त 10% शुल्क लगाएगा. यह टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू होगा और लगभग पांच महीनों तक प्रभावी रहेगा.
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को निरस्त कर दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति IEEPA के तहत कांग्रेस की मंजूरी के बिना टैरिफ नहीं लगा सकते, क्योंकि व्यापार और राजस्व से जुड़े कराधान का संवैधानिक अधिकार कांग्रेस के पास है. कोर्ट के इस फैसले का ट्रंप ने खुलकर विरोध किया है.
कोर्ट फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह निर्णय बेहद निराशाजनक है. मैं कोर्ट के कुछ सदस्यों से शर्मिंदा हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट विदेशी ताकतों के आगे झुक गई है. ट्रंप ने कहा, 'विदेशी देश बहुत खुश हैं. वे सोच रहे हैं कि उन्होंने हमें रोक दिया. लेकिन ऐसे देश लंबे समय तक खुश नहीं रहेंगे.”
उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनकी शक्ति को कम नहीं बल्कि और अधिक मजबूत बनाता है. ट्रंप ने जस्टिस ब्रेट कैवनॉ के असहमति वाले मत का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में राष्ट्रपति की टैरिफ लगाने की शक्ति पर बड़ा प्रतिबंध नहीं लगेगा.
10% ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान
ट्रंप ने कहा, 'आज मैं एक आदेश पर हस्ताक्षर करूंगा, जिसके तहत सेक्शन 122 के अंतर्गत 10% वैश्विक टैरिफ लगाया जाएगा. यह हमारे सामान्य टैरिफ के अतिरिक्त होगा.” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नया टैरिफ लगभग पांच महीनों तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि के दौरान विभिन्न देशों पर न्यायसंगत टैरिफ तय करने के लिए जांच शुरू की जाएगी.
पत्रकारों के सवाल पर कि क्या यह शुल्क केवल 150 दिनों के लिए रहेगा या अनिश्चितकाल तक, ट्रंप ने कहा, 'हमें काफी हद तक वह करने का अधिकार है जो हम करना चाहते हैं. हम इसे प्रभावी रूप से तीन दिन में लागू कर देंगे.”
'मैं व्यापार खत्म कर सकता हूं, लेकिन...'
अपने संबोधन में ट्रंप ने कार्यपालिका की शक्तियों का व्यापक दावा करते हुए कहा, 'मैं किसी भी देश के साथ पूरा व्यापार बंद कर सकता हूं. मैं एम्बार्गो लगा सकता हूं. मैं जो चाहूं कर सकता हूं, लेकिन मैं एक डॉलर भी चार्ज (ट्रंप) नहीं कर सकता, यह कितना हास्यास्पद है.”
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल टैरिफ वसूली को सीमित करता है, लेकिन अन्य प्रकार के व्यापारिक प्रतिबंधों पर रोक नहीं लगाता. उन्होंने कहा, 'मैं और भी मजबूत फैसले लूंगा.'
कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल
जब उनसे पूछा गया कि वह टैरिफ नीति के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर काम क्यों नहीं करते, तो ट्रंप ने कहा, 'मुझे इसकी जरूरत नहीं है. मेरे पास टैरिफ लगाने का अधिकार है और हमेशा से रहा है.” हालांकि सुप्रीम कोर्ट की बहुमत पीठ ने साफ किया कि टैक्स नीति, जिसमें टैरिफ भी शामिल हैं, लेने का अधिकार कांग्रेस के पास है.
टैरिफ से वसूले गए पैसे वापस करेगा अमेरिका?
टैरिफ से वसूले गए राजस्व की वापसी के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि यह मामला आने वाले वर्षों तक अदालतों में चल सकता है. उन्होंने कहा, 'हमने सैकड़ों अरब डॉलर वसूले हैं, लाखों नहीं, सैकड़ों अरब. अब सवाल है कि उस पैसे का क्या होगा? यह मुद्दा फैसले में चर्चा तक नहीं हुआ. मुझे लगता है कि यह मामला अगले दो साल या शायद पांच साल तक अदालतों में चलता रहेगा.”
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत लगाए गए सेक्शन 232 और सेक्शन 301 टैरिफ प्रभावी रहेंगे. उन्होंने कहा कि सभी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ यथावत हैं. कई जांचें शुरू की जाएंगी और टैरिफ से सरकारी आय में वृद्धि होगी. टैरिफ से आने वाली आय बढ़ेगी.
भारत को लेकर भी दिया बयान
भारत के साथ व्यापार समझौते पर ट्रंप ने कहा डील में कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने कहा, 'भारत के साथ डील में कुछ भी नहीं बदलेगा. पीएम मोदी एक महान व्यक्ति हैं, लेकिन वे हमें लूट रहे थे, इसलिए हमने एक डील की. अब हम उन्हें कोई टैरिफ नहीं दे रहे और वे हमें दे रहे हैं. सभी व्यापारिक समझौते जारी हैं. हम बस इसे अलग तरीके से करेंगे.”
वियतनाम के नेता से मुलाकात का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका और अधिक टैरिफ लगा सकता है. इसके अलावा ट्रंप ने ईरान को लेकर भी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि ईरान को एक निष्पक्ष समझौता करना बेहतर होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि IEEPA के तहत किए गए कुछ व्यापार समझौते अब मान्य नहीं रह सकते.
ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि ब्याज दरों में काफी गिरावट आनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीरिया की स्थिति बेहतर हो रही है और वहां का नेतृत्व कुर्दों के प्रति सकारात्मक रहा है. ट्रंप ने अपने बयान का समापन करते हुए कहा, 'हम और मजबूत दिशा में जा रहे हैं. विदेशी देश ज्यादा समय तक खुश नहीं रहेंगे. अमेरिका पहले से ज्यादा ताकतवर होगा.'
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