कतर के एयरस्पेस से कहां गायब हो गया अमेरिकी प्लेन? होर्मुज में इमरजेंसी अलर्ट

खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी वायुसेना का एक केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान 'जनरल इमरजेंसी' का सिग्नल भेजने के बाद अचानक रडार से गायब हो गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास उड़ान भर रहे इस विमान ने इंटरनेशनल आपातकालीन कोड '7700' प्रसारित किया था. फिलहाल विमान और उसमें सवार चालक दल की स्थिति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.

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अमेरिकी विमान KC-135 लापता. (photo: ITG) अमेरिकी विमान KC-135 लापता. (photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी एयरफोर्स का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर विमान (जिसे आमतौर पर 'फ्लाइंग गैस स्टेशन' कहा जाता है) गल्फ क्षेत्र से अचानक लापता हो गया है. इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. हालांकि, अमेरिका की ओर से इस बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. बताया जा रहा है कि विमान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास उड़ान भरते हुए जनरल इमरजेंसी अलर्ट जारी किया था, जिसके बाद विमान अचानक गायब हो गया.

फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम के अनुसार, अमेरिकी विमान KC-135 स्ट्रैटोटैंकर खाड़ी क्षेत्र में एरियल रिफ्यूलिंग ऑपरेशन कर रहा था, तभी विमान में इंटरनेशनल इमरजेंसी कोड 7700 जारी किया. इसके लगभग एक घंटे बाद विमान का ट्रांसपॉन्डर सिग्नल पूरी तरह से गायब हो गया.

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रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ट्रांसपॉन्डर कोड 7700 जारी करने के बाद विमान नीचे उतर रहा था और अपना कोर्स बदलकर कतर की ओर मुड़ रहा था. तभी अचानक रडार से लापता हो गया. ये घटना खाड़ी में हवा में ईंधन भरने के अभियान के दौरान विमान द्वारा रास्ता बदलने और ऊंचाई कम करने के बाद हुई. हालांकि, अमेरिकी एयरफोर्स ने इस घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि विमान में कितने चालक दल के सदस्य सवार थे. अमेरिकी वायु सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस विमान को आमतौर पर एक ही चालक दल का सदस्य संचालित करता है और इसमें एक कार्गो डेक होता है, जिसमें यात्री भी बैठ सकते हैं. ट्रांसपॉन्डर सिग्नल गायब होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, अभी तक मलबे, डिस्ट्रेस कॉल, बचाव अभियान या समुद्री अलर्ट की कोई पुष्टि नहीं हुई है.

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बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र में लक्षित हमलों में कई अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया था.

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