US-Israel-Iran War Live: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान, इजरायल और लेबनान के बीच ताजा हमलों ने पूरे क्षेत्र में स्थिति और तनावपूर्ण बना दी है. इजरायल ने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर सटीक हमले किए हैं. इस बीच, इजरायल ने दावा किया है कि उसने एक हमले में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराया है.
वहीं ईरान की ओर से भी मध्य और उत्तरी इजरायल को निशाना बनाकर दर्जनों मिसाइलें दागी गईं. इजरायली शहरों में इंटरसेप्शन के बाद उनका मलबा गिरने की खबरें मिली हैं. संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपनी हवाई सीमा में प्रवेश करने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है.
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी नेता अब समझौता करने के लिए भीख मांग रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वाशिंगटन हमलों को और तेज कर सकता है. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव ठुकराते हुए स्पष्ट कहा है कि शांति वार्ता उसकी शर्तों पर ही होगी.
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जर्मन विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने रूस पर ईरान को संभावित हमले के लक्ष्यों की पहचान करने में मदद करने का आरोप लगाया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिका-इजरायल युद्ध का इस्तेमाल यूक्रेन पर अपने आक्रमण से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे हैं.
फ्रांस में G7 की बैठक में बोलते हुए, वाडेफुल ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से भी बात की है, और यह भी जोड़ा कि जर्मनी शत्रुता समाप्त होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में अपनी भूमिका निभाने में मदद करने को तैयार है.
पश्चिम एशिया युद्ध पर केंद्र सरकार की बैठक जारी है. इसमें PM राज्यों द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लेंगे. राज्य आगे की योजनाओं का ब्योरा भी देंगे.
ईरानी संस्था रेड क्रिसेंट ने बताया कि लगभग चार हफ्ते पहले देश पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले की शुरुआत के बाद से ईरान में कम से कम 1,900 लोग मारे गए हैं और 20,000 घायल हुए हैं.
इजरायल के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि ईरान पर इजरायली हमले और तेज होंगे और उनका दायरा बढ़ेगा. इजरायल की तरफ से कहा गया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी शासन को चेतावनी दी थी कि वे इजरायल की आम आबादी पर मिसाइलें दागना बंद करें. लेकिन चेतावनी के बावजूद, गोलाबारी जारी है इसलिए (इजरायली सेना के) ईरान में हमले और तेज होंगे.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना की चेतावनियों के बाद, अलग-अलग देशों के तीन कंटेनर जहाजों को होर्मुज से वापस लौटा दिया गया.
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद की ओर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. वायु रक्षा ने दो मिसाइलें रोक लीं. बाकी चार मिसाइलें अरब सागर और खाली इलाकों में गिर गईं. अभी तक किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे उन इलाकों से तुरंत निकल जाएं जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. ईरानी मीडिया में जारी इस चेतावनी में कहा गया है कि लोग सुरक्षित जगहों पर चले जाएं. यह अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में दिया गया संदेश है.
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारत के विदेश मंत्री से मुलाकात की. दोनों मंत्रियों ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और हाल की घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की. यह मुलाकात ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है.
इनपुट: रॉयटर्स
ईरान की राजधानी तेहरान के चौथे जिले में एक रिहायशी इलाके के पास एक बिना फटी मिसाइल मिली. ईरानी मीडिया संस्थान प्रेस टीवी ने इसकी तस्वीरें जारी करते हुए बताया कि इस मिसाइल को सुरक्षित तरीके से वहां से हटा लिया गया है. युद्ध के दौरान रिहायशी इलाकों में ऐसे बिना फटे हथियारों का मिलना आम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा होता है.
कुवैत के सबसे बड़े कमर्शियल बंदरगाह को शुक्रवार को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा है. कुवैत सरकार ने कहा है कि यह हमला ईरान ने किया है. ईरान अमेरिका-इजरायल के हमलों का बदला ले रहा है, इसलिए खाड़ी में अपना अभियान तेज कर दिया है. अभी पोर्ट पर काम रुक गया है और स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
इनपुट: AFP
रात भर इजरायली सेना (IDF) ने ईरान पर बड़े हमले किए. तेहरान और पश्चिमी ईरान में उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के फैक्ट्रियों, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर और स्टोरेज जगहों को निशाना बनाया. इजरायल का कहना है कि ये हमले इसलिए किए गए ताकि ईरान के मिसाइल हमले कम हो सकें और इजरायली नागरिकों की सुरक्षा बढ़े.
ईरान ने होर्मुज का समुद्री रास्ता बंद कर दिया है. इससे दुनिया का 20 फीसदी तेल आना-जाना रुक गया है. यूएई अब कई देशों की नौसेना मिलाकर एक बड़ी टीम बनाना चाहता है ताकि रास्ता फिर खुल जाए. UAE अपनी नौसेना भी भेजने को तैयार है. अभी तक सिर्फ बहरीन ने हां कहा है.
इनपुट: फाइनेंशियल टाइम्स
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के MLAs ने J&K असेंबली कॉम्प्लेक्स में प्रोटेस्ट किया. वे ईरान के सपोर्ट में और अमेरिका-इज़राइल के विरोध में नारे लगा रहे थे. उन्होंने मारे गए ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के पोस्टर भी दिखाए. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - खामेनेई के पोस्टर लहरा रहे विधायकों से J-K विधानसभा में धक्का-मुक्की, जमकर हुआ बवाल
इनपुट: सुनील जी भट्ट
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है. तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - पेट्रोल पर 13 से घटकर 3 रुपये, डीजल पर जीरो एक्साइज ड्यूटी... फ्यूल संकट के बीच सरकार ने दी बड़ी राहत
ईरान की ओर से इज़रायल के अलग-अलग शहरों में हमले जारी हैं. नतीजतन लोगों को सायरन बजने के बाद बंकर में भागना पड़ता है. ऐसे में लोगों की लंबे समय से नींद नहीं पूरी हो पा रही है. वह बेचैनी में जी रहे हैं. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - आंखों देखी: सायरन, अलर्ट और बंकर ने बदल दी जिंदगी इजरायल वासियों की जिंदगी
वॉल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, अमेरिका मिडिल ईस्ट में दस हजार अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी में है. दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि अगले दस दिनों तक ईरान के ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करेगा. यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर - डोनाल्ड ट्रंप का डबल गेम... इधर ईरान संग बातचीत भी, उधर मिडिल ईस्ट में 10 हजार और सैनिक भेजने की तैयारी
अमेरिका और इजरायल के बढ़ते हमलों के बीच ईरान के भीतर एक बेहद खतरनाक बहस तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, ईरानी कट्टरपंथी अब खुलेआम तेहरान से परमाणु बम बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि पश्चिमी देशों के हमलों का करारा जवाब दिया जा सके.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी मीडिया में भी परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकलने का विचार जोर पकड़ रहा है. कई कट्टरपंथी नेता परमाणु हथियारों का अप्रसार (NPT) छोड़ने की वकालत कर रहे हैं, जिससे ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की अंतरराष्ट्रीय रोक हट सकती है. हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से परमाणु बम बनाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
बढ़ते संघर्ष के बीच IAEA ने गंभीर चेतावनी जारी की है. एजेंसी ने कहा है कि ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों से बड़ा रेडियोलॉजिकल हादसा हो सकता है. IAEA के महानिदेशक ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु संयंत्र के आसपास भी हमले बेहद खतरनाक हैं और इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है.
एजेंसी ने स्पष्ट किया कि भले ही हमले सीधे संयंत्र पर न हुए हों, लेकिन आसपास के इलाके में विस्फोट या क्षति से भी रेडिएशन रिसाव का जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे किसी भी हादसे का असर सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है.
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के साथ चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में धीरे-धीरे प्रगति के संकेत मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि मध्यस्थ देशों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी है. रुबियो ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए ऊर्जा (तेल-गैस) की आवाजाही में कुछ बढ़ोतरी देखी गई है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रवाह अभी सामान्य स्तर से कम है.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'होर्मुज से ऊर्जा की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन जितनी होनी चाहिए उतनी अभी नहीं है. कुछ सुधार जरूर दिख रहा है.'
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि कोई भी ईरान और ईरानी जनता को अल्टीमेटम जारी नहीं कर सकता.
गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि ईरान इस संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है और जीत को पूरी तरह हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और अमेरिका-इजरायल के साथ टकराव लगातार बढ़ रहा है.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वह ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए स्थगित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला ईरान सरकार के अनुरोध पर लिया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच जारी बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके.
वर्ल्ड बैंक ने युद्ध से प्रभावित देशों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. संस्था ने कहा है कि ऊर्जा कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, जिसे कम करने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी.
वर्ल्ड बैंक ने अपने बयान में कहा कि वह तेजी से फंड जारी करने वाले वित्तीय साधनों (फास्ट-डिस्बर्सिंग फाइनेंसिंग टूल्स) का इस्तेमाल करेगा, ताकि प्रभावित देश इस संकट से निपट सकें और अपनी अर्थव्यवस्था को संभाल सकें. वह सिर्फ तात्कालिक राहत ही नहीं देगा, बल्कि नीति संबंधी विशेषज्ञता और निजी क्षेत्र के सहयोग के जरिए रोजगार और आर्थिक विकास को फिर से पटरी पर लाने में भी मदद करेगा.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना (IRGC Navy) के वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराया है. इस कार्रवाई में कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी और खुफिया डिप्टी बेहमन रेज़ाई को निशाना बनाया गया.
इजरायली सेना के मुताबिक, तंगसीरी लंबे समय से IRGC नेवी में कई अहम पदों पर रहे थे और फारस की खाड़ी में ईरानी सैन्य गतिविधियों का समन्वय करते थे. उन पर क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों को संचालित करने और रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाने का आरोप था.
IDF का दावा है कि तंगसीरी ने वर्षों तक तेल टैंकरों और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों में भूमिका निभाई, जिससे Strait of Hormuz और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में व्यापार और आवाजाही प्रभावित हुई.