अमेरिका और ईरान आज ओमान की राजधानी मस्कट में परमाणु वार्ता करने जा रहे हैं. यह बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है. वार्ता भारतीय समय के अनुसार सुबह 11.30 बजे शुरू होगी. यह करीब नौ महीने बाद दोनों देशों के बीच पहली बड़ी प्रत्यक्ष बैठक मानी जा रही है.
पिछले कुछ दिनों से वार्ता के स्थान, स्वरूप और एजेंडे को लेकर असमंजस बना हुआ था. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया के जरिए इस बैठक की जानकारी दी और बातचीत की व्यवस्था कराने के लिए ओमान सरकार का धन्यवाद किया. ओमान को पश्चिम एशिया की कूटनीति में लंबे समय से एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में देखा जाता रहा है. इससे पहले भी वह अमेरिका-ईरान वार्ताओं की मेजबानी कर चुका है.
पहले इस्तांबुल में होने वाली थी वार्ता
बताया जा रहा है कि शुरुआत में वार्ता तुर्की के इस्तांबुल में होने की योजना थी, जिसमें क्षेत्रीय देशों के शामिल होने की संभावना थी. हालांकि ईरान ने कहा कि बातचीत सिर्फ द्विपक्षीय हो और उसका दायरा केवल परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने तक सीमित रहे. इसके बाद स्थान बदलकर मस्कट कर दिया गया.
अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव
वार्ता में ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ और संभवतः जेरेड कुशनर के शामिल होने की उम्मीद है. यह बातचीत ऐसे दौर में हो रही है, जब अमेरिका-ईरान संबंध गंभीर दबाव में हैं. जून 2025 में इजरायल से जुड़े 12 दिनों के संघर्ष के दौरान अमेरिकी हमलों में ईरान के कई प्रमुख परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था.
'अमेरिकी नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील'
इसी बीच अमेरिका के विदेश विभाग ने ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी ने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की है. इसमें कहा गया है कि अमेरिका सरकार की मदद पर निर्भर हुए बिना देश छोड़ने की योजना बनाएं. उड़ानों के रद्द होने या बाधित होने की आशंका जताई गई है. जो लोग नहीं निकल सकते, उन्हें सुरक्षित जगह पर रहने, जरूरी सामान रखने, प्रदर्शन से दूर रहने, स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखने और परिवार से संपर्क में रहने की सलाह दी गई है.
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