चुनाव से पहले US ने बांग्लादेशी सामान पर घटाया टैरिफ, कुछ गारमेंट्स को ड्यूटी-फ्री एंट्री

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते के तहत बांग्लादेशी सामान पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि अमेरिकी कच्चे माल से बने कुछ कपड़ा-परिधान उत्पादों को ड्यूटी-फ्री एंट्री देने पर भी सहमति बनी है. पहले यह टैरिफ 37 प्रतिशत प्रस्तावित था, जिसे अगस्त में 20 प्रतिशत किया गया और अब 19 प्रतिशत कर दिया गया है.

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अमेरिकी कच्चे माल से बने कुछ बांग्लादेशी कपड़ा उत्पादों को शून्य टैरिफ पर बाजार में प्रवेश मिलेगा. (File Photo: AFP) अमेरिकी कच्चे माल से बने कुछ बांग्लादेशी कपड़ा उत्पादों को शून्य टैरिफ पर बाजार में प्रवेश मिलेगा. (File Photo: AFP)

aajtak.in

  • ढाका,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:46 AM IST

अमेरिका ने बांग्लादेश के साथ हुए नए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत वहां से आने वाले सामान पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया है. बांग्लादेश के अंतरिम प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि अमेरिका ने यह भी सहमति जताई है कि अमेरिकी कच्चे माल से बने कुछ बांग्लादेशी कपड़ा और परिधान उत्पादों को शून्य टैरिफ पर बाजार में प्रवेश दिया जाएगा. यह रियायत नौ महीने चली बातचीत के बाद मिली है. 

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37 से 20 और अब 19 प्रतिशत टैरिफ

अप्रैल में अमेरिका ने बांग्लादेशी निर्यात पर 37 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे अगस्त में बातचीत के बाद घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया था. अब नए समझौते के तहत इसे और घटाकर 19 प्रतिशत कर दिया गया है. यूनुस ने इस समझौते को रोजगार बचाने और वैश्विक कपड़ा आपूर्ति श्रृंखला में बांग्लादेश की स्थिति मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया. 

आधिकारिक बयान के मुताबिक, समझौते पर बांग्लादेश की ओर से वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान ने साइन किए, जबकि अमेरिका की ओर से ट्रेड प्रतिनिधि एंबेसडर जैमीसन ग्रीर ने दस्तखत किए. व्हाइट हाउस ने भी पुष्टि की है कि दोनों देशों ने बांग्लादेश में गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है.

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चुनाव से पहले आर्थिक स्थिरता दिखाने की कोशिश

यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब बांग्लादेश में गुरुवार को चुनाव होने हैं. अगस्त 2024 से वहां अंतरिम सरकार काम कर रही है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत चली आई थीं और अब भी यहीं हैं. चुनाव से पहले फिर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें महिलाओं समेत 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. अंतरिम सरकार चुनाव से पहले आर्थिक स्थिरता दिखाने की कोशिश कर रही है, जिसमें व्यापार नीति को अहम माना जा रहा है.

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