ब्रिटेन में गहराया सियासी संकट! स्वास्थ्य मंत्री ने स्टार्मर कैबिनेट से दिया इस्तीफा

ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने स्टार्मर कैबिनेट से इस्तीफा दिया. चुनावी हार के बाद लेबर पार्टी में नेतृत्व संकट और बगावत तेज हुई.

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किएर स्टार्मर की कैबिनेट से स्ट्रीटिंग के रूप में पहला इस्तीफा हुआ है. (File Photo: ITG) किएर स्टार्मर की कैबिनेट से स्ट्रीटिंग के रूप में पहला इस्तीफा हुआ है. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

ब्रिटेन में सियासी उथल-पुथल मचा हुआ है. स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने गुरुवार को संकटों से घिरे ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर के मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया. माना जा रहा है कि यह उनके नेतृत्व को चुनौती देने की दिशा में पहला कदम है. स्ट्रीटिंग मंत्रिमंडल के ऐसे पहले सदस्य हैं, जिन्होंने इस्तीफ़ा दिया है. 

यह इस्तीफा ऐसे वक्त में हुआ है, जब पिछले हफ़्ते स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में लेबर पार्टी के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन के बाद किएर स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ रहा है.

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स्ट्रीटिंग की सियासी महत्वाकांक्षाएं लंबे वक्त से जगज़ाहिर रही हैं. वे उन गिने-चुने लोगों में से एक माने जाते हैं, जो किएर स्टार्मर को उनके पद से हटाने की कोशिश कर सकते हैं.

ब्रिटेन की सियासत में चल क्या रहा है?
   
काफी वक्त से ब्रिटेन की किएर स्टार्मर सरकार में बड़ा सियासी संकट जारी है. इसी बीच हेल्थ सेक्रेटरी ने स्टार्मर की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है. रिर्पोट के मुताबिक, माना जा रहा है कि यह इस्तीफा इस बात का इशारा है कि वे स्टार्मर की कुर्सी पर चढ़ने के लिए लेबर पार्टी के नेता बनने की दावेदारी पेश कर सकते  हैं. पिछले हफ्ते हुए स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में लेबर पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर उठापटक तेज हो गई है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, वेस स्ट्रीटिंग ने पार्टी के कई सांसदों का समर्थन जुटा लिया है और माना जा रहा है कि वह जल्द ही लेबर पार्टी के नेता पद से अपनी दावेदारी पेश कर सकते हैं. पार्टी के नियमों के मुताबिक, किसी भी उम्मीदवार को नेतृत्व चुनौती देने के लिए 403 सांसदों में से करीब 81 सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा. रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि कीर स्टार्मर के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आवाज उठाने वाले सांसदों की संख्या इससे ज्यादा हो चुकी है.

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पूर्व उपप्रधानमंत्री का आया बयान

इस बीच, पूर्व उपप्रधानमंत्री एंजेला रेनर ने भी संकेत दिए हैं कि अगर नेतृत्व चुनाव होता है, तो वे सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने कहा कि स्थानीय चुनावों में मिली हार ने साफ कर दिया है कि जनता सरकार से नाराज है और बदलाव की जरूरत है. हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर कीर स्टार्मर के इस्तीफे की मांग नहीं की है.

सवालों के घेरे में क्यों है स्टार्मर सरकार?

ब्रिटेन की कमजोर अर्थव्यवस्था और लगातार महंगाई ने स्टार्मर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हालांकि, ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पहली तिमाही में ब्रिटेन की GDP बढ़ोतीर दर 0.6 फीसदी रही, जो पिछली तिमाही से बेहतर है. कीर स्टार्मर ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि इस वक्त नेतृत्व की लड़ाई देश को राजनीतिक अराजकता में धकेल सकती है. वहीं, NHS में वेटिंग लिस्ट घटने को वेस स्ट्रीटिंग की बड़ी उपलब्धि मानी जा रहा है, जिससे उनकी संभावित दावेदारी और मजबूत हुई है.

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