Turkey and Syria Earthquake: तुर्की और सीरिया के लोगों ने सोमवार को तबाही का जो मंजर देखा, वो दशकों तक दर्द देने वाला है. यहां आए भूकंप से भयानक तबाही जारी है. दोनों देशों में अब तक 6200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. भूकंप की तीव्रता 7.8 थी. भूकंप के चलते कंपन इतना तेज था कि हजारों इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गईं. तुर्की प्रशासन का कहना है कि अभी तक 5606 इमारतें गिर चुकी हैं. तबाही का यही मंजर सीरिया में भी देखने को मिला है. भारतीय एयरफोर्स का C-17 विमान रेस्क्यू टीमों और राहत साम्रगी लेकर तुर्की के लिए रवाना हो गया है.
तुर्की-सीरिया भूकंप से दहल गए हैं. इसी बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है. मसलन, मंगलवार को भारतीय वायुसेना का चौथा विमान फील्ड अस्पताल की टुकड़ी के साथ तुर्की के लिए रवाना हुआ. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया कि तुर्की के लिए भारतीय सेना की मेडिकल टीम के 54 सदस्य औऱ जरूरी उपकरण रवान किए गए हैं.
तुर्की औऱ सीरिया में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. जानकारी के मुताबिक अब तक 6200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि हजारों लोग घायल हैं. घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी है.
तुर्की के इसकेंदेरून पोर्ट पर सोमवार को भूकंप के बाद भीषण आग लग गई थी. मंगलवार को भी इस आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.
तुर्की में मंगलवार को दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटकों की तीव्रता 5.4 थी. इससे पहले मंगलवार सुबह 5,9 तीव्रता का भूकंप आया था. तुर्की और सीरिया में सोमवार को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया था. भूकंप ने सीरिया और तुर्की में तबाही मचा दी. अब तक 4890 लोगों की मौत हो चुकी है.
तुर्की और सीरिया में भूकंप से अब तक 4,890 लोगों की मौत हो गई. अकेले तुर्की में 3,381 लोगों के मारे जाने की खबर है. जबकि सीरिया में भी 1500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई.
तुर्की-सीरिया में अब तक भूकंप से 4600 लोगों की मौत हो गई है.
NDRF की एक टीम राहत साम्रगी के साथ तुर्की पहुंच गई है. इसके साथ ही भारत से NDRF की दूसरी टीम तुर्की के लिए रवाना हो गई. कोलकाता NDRF की इस टीम में 50 सदस्य हैं. इससे पहले जो टीम तुर्की पहुंची, उसमें 51 सदस्य थे.
भारतीय सेना ने अपनी मेडिकल टीम को तुर्की भेजा है. इस टीम में 89 सदस्य हैं. तुर्की में प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय सेना फील्ड हॉस्पिटल की सविधा मुहैया कराएगी. इनमें आर्थोपेडिक सर्जिकल टीम, जनरल सर्जिकल स्पेशलिस्ट टीम, मेडिकल स्पेशलिस्ट टीमों के अलावा अन्य मेडिकल टीमों को शामिल किया गया है. ये टीम 30 बिस्तरों वाली चिकित्सा सुविधा स्थापित करने के लिए एक्स-रे मशीन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र, कार्डिएक मॉनिटर और संबंधित उपकरणों से लैस है.
तुर्की प्रशासन ने लोगों से सड़कों को खाली रखने की अपील की है, ताकि रेस्क्यू टीमें आसानी से भूकंप प्रभावित इलाकों में पहुंच सकें. तुर्की डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने कहा कि जरूरी न हो तो सड़कों पर न निकलें. जिससे इमरजेंसी वाहनों को भूकंप प्रभावित इलाकों में पहुंचने में दिक्कत न हो. इतना ही नहीं भूकंप प्रभावित इलाके में 300,000 लाख कंबल, 24,712 बेड, 19,722 टेंट भेजे गए हैं.
तुर्की और सीरिया में रेस्क्यू टीमें हजारों इमारतों के मलबों में जिंदा लोगों की तलाश कर रही हैं. खराब मौसम और ठंड के चलते रेस्क्यू में परेशानी भी आ रही है.
तुर्की के राष्ट्रपति राष्ट्रीय शोक ने सोमवार को देश में आए भूकंप के बाद सात दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है.
तुर्की में सोमवार को आए भूकंप ने सीरिया में भी भारी तबाही मचाई है. सीरिया में अब तक 2100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 1,444 लोगों की मौत सरकार द्वारा नियंत्रित इलाके में हुई. जबकि विद्रोहियों के कब्जे वाले सीरियाई क्षेत्र में 733 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. सीरिया में भूकंप से सैकड़ों इमारतें भी तबाह हो गईं. इस दौरान उत्तर पश्चिमी सीरिया की एक जेल की भी दीवार गिर गईं. इसके बाद जेल में कैदियों ने विद्रोह कर दिया. बताया जा रहा है कि भूकंप का फायदा उठाकर IS के 20 आतंकी फरार हो गए.
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तुर्की और सीरिया में भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4300 के पार पहुंच गई है. तुर्की में 2,921 लोगों ने अब तक अपनी जान गंवाई है, तो सीरिया में 1,451 लोगों की मौत हुई. 15000 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं.
- लॉस एंजिल्स काउंटी फायर डिपार्टमेंट ने 78 सदस्यों सर्च एंड रेस्क्यू टीम को तुर्की भेजने का ऐलान किया है.
- UNICEF भी तुर्की सरकार के संपर्क में है. यूनिसेफ तुर्की सरकार और तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन के साथ मानवीय जरूरतों को पूरा करने में जुटा है. इतना ही नहीं UNICEF सीरिया में भी मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटा है.
- दक्षिण कोरिया ने भी तुर्की के लिए मदद की पेशकश की है. कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल की ओर से कहा गया है कि हम तुर्की की किसी भी तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं.
- अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से बात की है और कहा कि अमेरिका तुर्की की मदद करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि तुर्की में रेस्क्यू अभियान में मदद और समर्थन करने के लिए अमेरिकी टीमों को तेजी से तैनात किया जा रहा है. इतना ही नहीं हेल्थ टीमें भी तैनात की जा रही हैं.
- रूस ने 300 सैनिकों की 10 टीमें रेस्क्यू के लिए सीरिया भेजी हैं.
तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मौसम और आपदा का दायरा रेस्क्यू टीमों के लिए चुनौतियां पैदा कर रही हैं. खराब मौसम के चलते रेस्क्यू टीम के हेलिकॉप्टर भी उड़ान नहीं भर पा रहे हैं. इतना ही नहीं हाल ही में तुर्की और सीरिया के कई इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है. इसके चलते तापमान में भी गिरावट आई है.
तुर्की में भूकंप से तबाही को देखते हुए भारत सरकार ने NDRF की 2 टीमें वहां भेजने का फैसला किया है. इसके अलावा राहत साम्रगी और डॉक्टरों की टीम को भी तुर्की में भेजा गया है.
- तुर्की और सीरिया में अब तक 4000 लोगों की जान गई है. जबकि 15000 से ज्यादा लोग जख्मी हैं. तुर्की नें 5600 से ज्यादा इमारतें भूकंप से तबाह हुई हैं.
- अकेले तुर्की में 2379 लोगों के मारे जाने की खबर है. जबकि सीरिया में सरकार द्वारा नियंत्रित इलाके में 711 और विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाके में 740 लोगों की मौत हुई है. सीरिया में 3531 लोग, जबकि तुर्की में 14483 लोग जख्मी हैं.
तुर्की में सोमवार सुबह 04:17 बजे भूकंप आया था. इसकी गहराई जमीन से 17.9 किलोमीटर अंदर थी. भूकंप का केंद्र गाजियांटेप के पास था. यह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर स्थित है. ऐसे में सीरिया के कई शहरों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए. यह तुर्की में 100 साल में सबसे तीव्रता वाला भूकंप बताया जा रहा है. US Geological Survey के मुताबिक, भूकंप के बाद 77 झटके लगे. इनमें से एक झटका 7.5 तीव्रता का था. जबकि तीन झटके 6.0 तीव्रता से अधिक थे.
7.8 तीव्रताः तुर्की में आज आए भूकंप की बराबर तीव्रात का भूकंप इससे पहले 1939 में आया था. उसमें 32,700 से ज्यादा लोग मारे गए थे.
7.6 तीव्रताः 17 अगस्त 1999 में तुर्की के इजमित में भूकंप आया. इसमें 17 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे. उससे पहले 23 जुलाई 1784 को एरजिनकान में इसी पैमाने का भूकंप आया था. जिसमें 5 से 10 हजार लोगों के मारे जाने का अनुमान है.
7.5 तीव्रताः इस तीव्रता के तुर्की में अब तक छह भूकंप आए हैं. 13 दिसंबर 115 सीई में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था. जिसमें ढाई लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे. 23 फरनरी 1653 को आए भूकंप में 2500 लोग मारे गए. 7 मई 1930 को आए भूकंप में 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. 26 नवंबर 1943 को आए भूकंप में करीब 5 हजार लोग मारे गए थे. 1 फरवरी 1944 में फिर इसी तीव्रता का भूकंप आया. चार हजार लोग मारे गए. 24 नवंबर 1976 को आए भूकंप में चार हजार लोग मारे गए.
7.4 तीव्रताः इस तीव्रता का भूकंप एक ही बार आया है. ये बात है 2 जुलाई 1840 की है. इस भूकंप में 10 हजार लोग मारे गए थे.
7.3 तीव्रताः 3 अप्रैल 1881 में आए भूकंप से 7866 लोगों की मौत हुई. 10 अक्टूबर 1883 को आए भूकंप से 120 लोग मारे गए. 9 अगस्त 1953 को आए भूकंप से 216 लोग मारे गए.
तुर्की का ज्यादातर हिस्सा एनाटोलियन प्लेट पर है. इस प्लेट के पूर्व में ईस्ट एनाटोलियन फॉल्ट है. बाईं तरफ ट्रांसफॉर्म फॉल्ट है. जो अरेबियन प्लेटके साथ जुड़ता है. दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम में अफ्रीकन प्लेट (African Plate) है. जबकि, उत्तर दिशा की तरफ यूरेशियन प्लेट है, जो उत्तरी एनाटोलियन फॉल्ट जोन से जुड़ा है. घड़ी के विपरीत दिशा में घूम रही है एनाटोलियन टेक्टोनिक प्लेट तुर्की के नीचे मौजूद एनाटोलियन टेक्टोनिक प्लेट घड़ी के विपरीत दिशा में घूम रहा है. यानी एंटीक्लॉकवाइज. साथ ही इसे अरेबियन प्लेट धक्का दे रही है. अब ये घूमती हुई एनाटोलियन प्लेट को जब अरेबियन प्लेट धक्का देती है, तब यह यूरेशियन प्लेट से टकराती है. तब भूकंप के तगड़े झटके लगते हैं.