'भारत को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता अमेरिका... इंडिया अब महाशक्ति है...', टकर कार्लसन का इंटरव्यू

अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2026 के दौरान इंडिया टुडे ग्लोबल को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है. उन्होंने भारत की विदेश नीति और संप्रभु अधिकारों का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वो रूस से तेल खरीदे या नहीं. कार्लसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और कहा, भारत अब उभरती नहीं, बल्कि स्थापित वैश्विक शक्ति है, जिससे शर्तों पर नहीं, बराबरी से बातचीत होती है.

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इंडिया टुडे ग्लोबल टीम ने टकर कार्लसन का इंटरव्यू लिया. इंडिया टुडे ग्लोबल टीम ने टकर कार्लसन का इंटरव्यू लिया.

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:18 PM IST

अमेरिकी पत्रकार और फॉक्स न्यूज के पूर्व एंकर टकर कार्लसन ने  इंडिया टुडे ग्लोबल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत की संप्रभुता का खुलकर बचाव किया और कहा कि अमेरिका, भारत को रूस से तेल खरीदने से नहीं रोक सकता. उन्होंने स्पष्ट शब्दों कहा कि भारत अब ऐसा देश नहीं है, जिस पर शर्तें थोपी जा सकें.

दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट 2026 के दौरान बातचीत में कार्लसन ने कहा, भारत अब एक ग्रेट पावर है. यह 25 साल पहले वाला भारत नहीं है. यह ऐसा देश नहीं है, जिसे शर्तें बताई जाएं. अब शर्तों पर नहीं, बातचीत होती है.

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रूस को अलग-थलग करने की कोशिश नुकसानदेह

रूस-यूक्रेन युद्ध और उस पर अमेरिका की नीति को लेकर टकर कार्लसन ने अमेरिकी प्रशासन की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा कि रूस को अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिशें पूरी तरह नाकाम रही हैं और इससे अमेरिका को ही नुकसान हुआ है.

कार्लसन ने आगे कहा कि अमेरिका की पाबंदियों ने रूस को चीन, भारत और मिडिल ईस्ट के और करीब धकेल दिया. इससे ना सिर्फ अमेरिका की वैश्विक स्थिति कमजोर हुई, बल्कि अमेरिकी डॉलर को भी नुकसान पहुंचा. उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों ने कभी अमेरिका को फायदा नहीं पहुंचाया, बल्कि कमजोर लोगों को नुकसान ही हुआ है.

भारत के फैसलों पर अमेरिका हुक्म नहीं चला सकता

जब भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की आपत्तियों पर सवाल किया गया तो टकर कार्लसन ने इसे पूरी तरह बेतुका करार दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु देश को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वो किससे व्यापार करे.

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उन्होंने कहा, अमेरिका भारत को यह नहीं बता सकता कि उसे किससे तेल खरीदना चाहिए. भारत अब महाशक्ति है. लोग अभी इस नई हकीकत को समझने में समय ले रहे हैं, लेकिन यह बदल चुका है.

मोदी की खुलकर तारीफ, ऐतिहासिक नेतृत्व बताया

टकर कार्लसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौजूदा दौर का ऐतिहासिक नेता बताया. उन्होंने कहा कि मोदी ऐसे नेता हैं, जिन पर किताबें लिखी जाएंगी. कार्लसन ने कहा, चाहे आप मोदी को पसंद करें या नहीं, इसमें कोई शक नहीं कि वो प्रभावशाली और वास्तविक नेता हैं. वो दिखावटी नहीं हैं. मोदी, पुतिन, एर्दोआन, एमबीएस और ट्रंप जैसे नेता इतिहास में याद किए जाएंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि वो भविष्य में प्रधानमंत्री मोदी का इंटरव्यू करना चाहते हैं, क्योंकि भारत और उसके नेतृत्व को समझना आज के वैश्विक संदर्भ में बेहद जरूरी है.

पत्रकारिता और सत्ता पर क्या बोले कार्लसन?

इंटरव्यू के दौरान टकर कार्लसन ने आधुनिक पत्रकारिता, सत्ता और प्रोपेगेंडा पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बना मीडिया ढांचा सत्ता की रक्षा के लिए खड़ा किया गया था, न कि सच दिखाने के लिए. उन्होंने कहा कि सच बोलने की कीमत हमेशा चुकानी पड़ती है, जबकि झूठ बोलने पर शायद ही कभी सजा मिलती है. कार्लसन के मुताबिक, यही वजह है कि आज वैकल्पिक और स्वतंत्र मीडिया प्लेटफॉर्म तेजी से उभर रहे हैं.

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पुतिन, ट्रंप और वैश्विक राजनीति पर नजर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इंटरव्यू को लेकर टकर कार्लसन ने कहा कि किसी नेता को परखने का पैमाना यह होना चाहिए कि उसके देश की हालत कैसी है. उन्होंने कहा कि पुतिन के कार्यकाल में रूस पहले से बेहतर स्थिति में है और इतने विविध देश को एकजुट रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है.

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति पर कार्लसन ने कहा कि इसका असर लंबे समय में ही समझ आएगा. उन्होंने माना कि टैरिफ कूटनीति का नतीजा आने में दशकों लग सकते हैं.

बदलती दुनिया में भारत की भूमिका

टकर कार्लसन के मुताबिक, दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत अब केवल उभरती शक्ति नहीं रहा. उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप को यह समझना होगा कि भारत, चीन और रूस जैसे देश अब वैश्विक व्यवस्था को आकार दे रहे हैं. उन्होंने कहा, यह नई दुनिया है और इसमें बराबरी की बातचीत ही चलेगी.

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