'अब भी टाइम है, समझौता कर लो, वरना...', 37 हजार करोड़ का ब्रिज तबाह करने के बाद ईरान को ट्रंप की नई धमकी

ईरान के करज में निर्माणाधीन B1 ब्रिज पर हवाई हमले में भारी नुकसान हुआ. हमले के बाद इलाके में बिजली भी ठप हो गई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा कि समय रहते समझौता कर ले, वरना हालात और खराब होंगे.

Advertisement
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि यह ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमला है. (Photo- Reuters/X) राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि यह ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमला है. (Photo- Reuters/X)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:08 PM IST

मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे ब्रिज B1 पर हवाई हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने कहा कि अभी भी वक्त है और समझौता कर लो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी. बी1 पुल ईरान के अलबोर्ज प्रांत के करज इलाके में स्थित है जो कि निर्माणाधीन है.

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हवाई हमले में इस ब्रिज को नुकसान पहुंचा है. इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है, जबकि आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हो गई है. यह पुल राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर करज से जोड़ने वाला अहम हाईवे ब्रिज था, जो लगभग बनकर तैयार हो चुका था. 

Advertisement

इस प्रोजेक्ट पर करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी 37 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए थे. करीब 1050 मीटर लंबे इस पुल को मिडिल ईस्ट के सबसे बड़े पुलों में गिना जा रहा था.

इस हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि यह ईरान के सबसे बड़े पुल पर हमला है. ट्रंप ने आक्रामक लहजे में कहा, 'अभी भी वक्त है, समझौता कर लो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी. अगर ईरान ने अपना रुख नहीं बदला तो उसमें कुछ भी नहीं बचेगा जबकि वह अब भी महान देश बन सकता है.'

ट्रंप के इस बयान को सीधे तौर पर ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने साफ संकेत दिया कि अगर हालात नहीं बदले तो आगे और हमले हो सकते हैं.

Advertisement

हमले के बाद ईरान के सरकारी मीडिया और प्रेस टीवी ने भी पुष्टि की है कि B1 ब्रिज को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में बिजली संकट पैदा हो गया है.

गौरतलब है कि पिछले करीब डेढ़ साल से मिडिल ईस्ट लगातार संघर्ष की आग में जल रहा है. अक्टूबर 2023 में गाजा में इजरायल-हमास के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी, जो धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल गई. इसके बाद इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्लाह पर हमले किए, वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया.

ईरान इस पूरे संघर्ष में एक अहम भूमिका निभा रहा है. माना जाता है कि वह हमास, हिज्बुल्लाह और हूती जैसे संगठनों को समर्थन देता रहा है, जिस कारण वह लगातार निशाने पर है. हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सीधे मिसाइल और ड्रोन हमले भी हो चुके हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement