अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ही रात में अपनी सेना और सरकार के बड़े अधिकारियों को हटाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप प्रशासन ने आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटाकर उन्हें तुरंत रिटायर होने का आदेश दे दिया है. इतना ही नहीं, चर्चा है कि एफबीआई (FBI) डायरेक्टर काश पटेल और कई अन्य बड़े मंत्रियों पर भी जल्द ही एक्शन हो सकता है. यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है.
असल में, ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपनी टीम को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करना चाहते हैं. उन्हें लगता है कि ट्रंप के मिशन को पूरा करने के लिए नए और भरोसेमंद लोगों की जरूरत है. इसी रणनीति के तहत पिछले एक साल में एक-दो नहीं, बल्कि सेना के एक दर्जन से ज्यादा बड़े जनरलों और एडमिरलों की छुट्टी की जा चुकी है.
इस पूरी फेहरिस्त में आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज का जाना सबसे बड़ी खबर है, क्योंकि वे कोई साधारण अफसर नहीं हैं. वेस्ट पॉइंट मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट जॉर्ज ने पहले खाड़ी युद्ध से लेकर इराक और अफगानिस्तान तक की भीषण जंगों में हिस्सा लिया है. उनके इसी लंबे अनुभव को देखते हुए 2023 में उन्हें सेना के सबसे ऊंचे पद पर बैठाया गया था. आर्मी चीफ बनने से पहले वे बाइडन सरकार में रक्षा सचिव के खास सलाहकार भी रह चुके हैं. यानी उनके पास युद्ध के मैदान से लेकर पेंटागन का दफ्तर चलाने तक का गहरा अनुभव है, लेकिन ट्रंप के नए एजेंडे में उनके लिए कोई जगह नहीं बची.
सिर्फ आर्मी ही नहीं, कई और बड़े नाम भी निशाने पर
अब पूरी दुनिया में यह सवाल उठ रहा है कि अगला नंबर किसका है? 'द अटलांटिक' की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के अंदर इस बात की चर्चा बहुत तेज है कि एफबीआई के काश पटेल, आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी को भी उनके पदों से हटाया जा सकता है. हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी इस पर अपना आखिरी फैसला नहीं सुनाया है और समय को लेकर अभी कुछ भी पक्का नहीं है, लेकिन अंदरखाने खलबली मची हुई है.
देखा जाए तो ट्रंप अपनी पूरी सुरक्षा टीम की सफाई कर रहे हैं. इससे पहले नौसेना और वायुसेना के सबसे बड़े अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है. जानकारों का कहना है कि ट्रंप अपनी नेशनल सिक्योरिटी को लेकर एकदम अलग प्लानिंग कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें पुरानी टीम के बजाए अपनी पसंद के लोग चाहिए. अब देखना होगा कि सेना में हुए इस बड़े फेरबदल का असर ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर क्या पड़ता है.
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