हॉर्मुज पर टोल वसूलो तो हमें भी दो! अकूत पैसा देख ईरान को ट्रंप का प्रस्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम के कुछ घंटों बाद ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य पर संयुक्त उद्यम का प्रस्ताव दिया. उन्होंने जहाजों से टोल वसूली को बड़ा पैसा बताया. इस बीच खाड़ी में तनाव जारी है और कई देशों पर हमले की खबरें सामने आई हैं.

Advertisement
ट्रंप बोले, ईरान के साथ मिलकर होर्मुज संभालेंगे (AP image for representation) ट्रंप बोले, ईरान के साथ मिलकर होर्मुज संभालेंगे (AP image for representation)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:57 PM IST

मिडिल ईस्ट में युद्धविराम के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ट्रंप ने ईरान के साथ मिलकर  स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संयुक्त साझेदारी शुरू करने और वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने का प्रस्ताव दिया है. ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा और संचालन में साझेदारी कर सकता है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि इससे बड़ा आर्थिक फायदा भी हो सकता है.

Advertisement

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका इस पर विचार कर रहा है कि ईरान के साथ मिलकर एक ज्वाइंट वेंचर बनाया जाए. ट्रंप ने यह भी कहा कि यह एक अच्छा तरीका हो सकता है जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखा जा सके और अन्य ताकतों से भी बचाया जा सके.

टोल वसूली के मुद्दे पर ट्रंप ने इसे सुंदर चीज बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि जहाजों से टोल लेना एक ऐसा तरीका है जिससे बिना ज्यादा मेहनत के बड़ा पैसा कमाया जा सकता है. यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में युद्धविराम की घोषणा हुई है. हालांकि, क्षेत्र में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.

ईरान के साथ होर्मुज पर संयुक्त पहल की बात

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फारस की खाड़ी में कई जहाजों को ऐसे संदेश मिले हैं, जो खुद को ईरान की नौसेना का बताकर यह कह रहे हैं कि स्टेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है. इस बीच इजरायल ने लेबनान मोर्चे को खुला रखा है और हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं. वहीं संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों ने भी युद्धविराम के बाद मिसाइल और ड्रोन हमलों की जानकारी दी है.

Advertisement

ट्रंप ने इससे पहले भी कहा था कि जो पक्ष इस युद्ध में विजेता होगा, वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल सकता है. व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान को टोल वसूली जारी रखने देगा, तो उन्होंने उल्टा सवाल किया कि अमेरिका खुद क्यों टोल नहीं वसूल सकता.

युद्धविराम के बाद भी होर्मुज में जहाजों की रफ्तार धीमी है.

साथ ही उन्होंने कहा कि वह ईरान को यह अधिकार देने के बजाय खुद टोल वसूली करना पसंद करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस युद्ध में विजेता है और उसे इसका लाभ मिलना चाहिए. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर हो चुका है और उसके पास सिर्फ मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के तरीके बचे हैं. 

जहाजों से टोल वसूली को बताया बड़ा पैसा

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस बारे में पोस्ट किया, जिसमें कहा कि अमेरिका होर्मुज में यातायात को नियंत्रित करने में मदद करेगा और वहां मौजूद रहकर यह सुनिश्चित करेगा कि सब कुछ सही तरीके से चले . उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था से बड़ा पैसा कमाया जा सकता है और इससे ईरान को अपने पुनर्निर्माण में मदद मिल सकती है.

Advertisement

दूसरी तरफ ईरान के नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि वे होर्मुज में टोल वसूली की व्यवस्था को स्थायी बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि इस आय का उपयोग देश के पुनर्निर्माण में किया जाएगा और इसका कुछ हिस्सा ओमान के साथ भी साझा किया जा सकता है. होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है.

यह जलडमरूमध्य लंबे समय से एक स्वतंत्र जलमार्ग रहा है, लेकिन हाल के संघर्षों ने इसकी स्थिति को बदल दिया है. फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति और गंभीर हो गई. जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया.

खाड़ी में तनाव बरकरार, हमलों की खबरें जारी

बाद में ईरान ने उन जहाजों को अनुमति दी, जो शुल्क देने को तैयार थे या उसके मित्र देशों से थे. इनमें चीन, पाकिस्तान और ग्रीस जैसे देश शामिल बताए गए हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, हर जहाज से 1 से 2 मिलियन डॉलर तक का शुल्क लिया गया. इस व्यवस्था को कुछ शिपिंग विशेषज्ञों ने “तेहरान टोल बूथ” का नाम दिया है.

हालांकि, इस तरह की टोल वसूली की योजना की आलोचना भी हुई है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहले इसे गैरकानूनी और दुनिया के लिए खतरनाक बताया था. लेकिन अब खुद अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इसी तरह का प्रस्ताव सामने आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है.

Advertisement

मध्य पूर्व में जारी तनाव, युद्धविराम के बावजूद जारी हमले और होर्मुज जैसे रणनीतिक क्षेत्र को लेकर बदलती नीतियां यह संकेत दे रही हैं कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. ट्रंप का यह प्रस्ताव आने वाले समय में वैश्विक राजनीति, व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement