'कोलंबिया बहुत बीमार है. वहां एक बीमार आदमी शासन चला रहा है, जिसे कोकीन बनाना और उसे अमेरिका में बेचना पसंद है. लेकिन वो यह काम ज्यादा समय तक नहीं कर पाएगा...', ट्रंप ने ये शब्द कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के लिए इस्तेमाल किए हैं. इन शब्दों के साथ ही ट्रंप ने साफ कर दिया है कि कोलंबियाई राष्ट्रपति का हाल भी कुछ-कुछ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो जैसा हो सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार रात एक ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. 'ऑपरेशन एब्सोल्यू रिजॉल्व' मिशन के तहत अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास को चारों तरफ से घेर लिया गया. हवा, जमीन और समुद्र के जरिए चले इस ऑपरेशन में कुल 2 घंटे और 20 मिनट लगे जिसमें मादुरो समेत उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम में गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया.
मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म फैलाने, कोकीन की तस्करी, मशीनगन और विनाशकारी हथियारों के जरिए अमेरिका के खिलाफ साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
रात के अंधेरे में अचानक हुए इस ऑपरेशन ने वेनेजुएला समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया. भारत ने भी इस ऑपरेशन पर चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है. मंत्रालय ने सभी पक्षों से शांति और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की.
ट्रंप की हालिया धमकियों से साफ है कि उनका फोकस अब कोलंबिया पर है. वो वेनेजुएला की तरह कोलंबिया के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई को तैयार हैं. अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'ऐसी किसी कार्रवाई का आइडिया मुझे अच्छा लगता है.'
पिछले कई महीनों से अमेरिका और कोलंबिया के रिश्तों में तनाव बना हुआ है. कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना की बढ़ती मौजूदगी से बेहद नाराज हैं. वो ट्रंप के सबसे कड़े अंतरराष्ट्रीय आलोचकों में गिने जाते रहे हैं.
पिछले महीने पेट्रो ने ट्रंप को कोलंबिया आने का न्योता दिया था. उन्होंने कहा था कि ट्रंप कोलंबिया आएं और देखें कि दुनिया का सबसे बड़ा कोकीन उत्पादक देश ड्रग बनाने वाली लैब्स को कैसे नष्ट कर रहा है. उन्होंने कहा था कि ट्रंप को कोलंबिया आकर ड्रग्स के खिलाफ उनकी सरकार की कोशिशों को देखना चाहिए.
वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को पेट्रो ने लैटिन अमेरिका की संप्रभुता पर हमला बताया था. उन्होंने चेतावनी दी थी कि इससे एक मानवीय संकट पैदा हो सकता है.
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान, कैरिबियन और प्रशांत महासागर में छोटी नौकाओं को निशाना बनाए जाने और इस पूरे मामले पर पेट्रो की आलोचना के बाद ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी. ट्रंप ने पेट्रो को 'सावधान रहने' की चेतावनी दी थी और उन पर अमेरिका में कोकीन उत्पादन और तस्करी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला, कोलंबिया जैसे देशों को ड्रग्स के मामले में निशाना बनाते रहे हैं. उनका कहना है कि इन देशों से अवैध तरीके से अमेरिका पहुंच रहे मादक पदार्थ देश के युवाओं का भविष्य बिगाड़ रहे है. इसी तर्क के आधार पर उन्होंने वेनेजुएला पर हमला कर दिया था.
हालांकि, बाद में उनके बयानों से साफ हो गया कि उनकी नजर देश के विशाल कच्चे तेल भंडार पर है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बनाने के बाद ट्रंप अब कोलंबिया पर नजर गड़ाए हुए हैं.
कोकीन का सेवन दुनिया के लगभग हर हिस्से में किया जाता है, लेकिन इसका कच्चा स्रोत कोका का पौधा मुख्य रूप से लैटिन अमेरिका के तीन देशों- पेरू, बोलीविया और कोलंबिया में उगाया जाता है.
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में कुल कोका खेती क्षेत्र का लगभग दो-तिहाई हिस्सा अकेले कोलंबिया के पास था, जहां 2,53,000 हेक्टेयर क्षेत्र में कोका की खेती की गई. पेरू दूसरे स्थान पर रहा, जहां 93,000 हेक्टेयर में खेती हुई, जबकि बोलीविया 31,000 हेक्टेयर के साथ तीसरे स्थान पर रहा.
aajtak.in