10 साइंटिस्ट की रहस्यमय मौत और गायब होने के पीछे कौन? अमेरिकी सांसद ने बताया चीन-ईरान एंगल

रिपब्लिकन सांसद एरिक बुर्लिसॉन का कहना है कि ये घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं हैं. उन्होंने आशंका जताई कि इन मामलों का संबंध क्लासिफाइड एयरोस्पेस, डिफेंस और UFO से जुड़ी जानकारी से हो सकता है. इसमें चीन, रूस या ईरान की भूमिका हो सकती है.

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अब FBI कर रही इन घटनाओं की जांच (AP Photo) अब FBI कर रही इन घटनाओं की जांच (AP Photo)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 19 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:46 AM IST

अमेरिका में 10 साइंटिस्ट्स और रिसर्चर्स की मौत या रहस्यमय ढंग से गायब होने की घटनाओं से हर कोई हैरान है. ये लोग एयरोस्पेस, डिफेंस जैसे अहम प्रोजेक्ट्स से जुड़े थे. अब इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

इसी हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इन मामलों की जानकारी दी गई. ट्रंप ने कहा कि जिन वैज्ञानिकों के लापता होने या मौत की खबर है, वे बहुत महत्वपूर्ण लोग थे. उन्होंने इसे काफी गंभीर मामला बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आएगी. यह भी देखा जाएगा कि इन घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं. इसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा.

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अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला जुलाई 2023 का है, जब NASA जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के भौतिक विज्ञानी (physicist) माइकल डेविड हिक्स की मौत हुई थी. वे कॉस्मेट और स्टेरॉइड्स के विशेषज्ञ थे. उनकी मौत का कारण सार्वजनिक नहीं किया गया.

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि प्रशासन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर इन मामलों की जांच कर रहा है. अमेरिकी एजेंसी एफबीआई इन मामलों की समीक्षा कर देखेगी आखिर इन घटनाओं के पीछे असल वजह क्या है.

क्या चीन, रूस और ईरान का है रोल?
रिपब्लिकन सांसद एरिक बुर्लिसॉन का कहना है कि ये घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कुछ वैज्ञानिक बिना किसी सुराग के गायब हो गए. उन्होंने आशंका जताई कि इन मामलों का संबंध क्लासिफाइड एयरोस्पेस, डिफेंस और UFO से जुड़ी जानकारी से हो सकता है. इसमें चीन, रूस या ईरान जैसे देशों की भूमिका भी हो सकती है. उन्होंने मांग की कि एफबीआई समेत बाकी एजेंसियां इस मामले की जांच करें.

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इन घटनाओं ने अमेरिकी वैज्ञानिक समुदाय और कानून निर्माताओं की टेंशन बढ़ा दी है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह महज संयोग भी हो सकता है, लेकिन कई लोग इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मान रहे हैं.

फिलहाल ट्रंप प्रशासन ने सभी मामलों की संयुक्त जांच शुरू कर दी है. आने वाले दिनों में यह साफ हो सकेगा कि इन घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं, या फिर ये अलग-अलग घटनाएं हैं जिन्हें गलत तरीके से जोड़ा जा रहा है.

ये हैं वैज्ञानिकों की मौत या गायब होने के बड़े मामले-

  • 12 दिसंबर 2025 में Novartis के रिसर्चर जेसन थॉमस लापता हो गए. उनकी पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि उनके पति घर से निकलने के बाद लापता हो गए. मार्च 2026 में थॉमस का शव मैसाचुसेट्स की झील से मिला.
  • MIT के प्रोफेसर और न्यूक्लियर साइंटिस्ट नूनो लुरेरो की दिसंबर 2025 में बोस्टन स्थित उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई.
  • लॉस एलामोस से जुड़े एंथनी चावेज 4 मई 2025 में गायब हो गए. आखिरी बार उन्हें घर छोड़ते देखा गया. लॉस एलामोस में ही पहले अमेरिकी न्यूक्लियर फैसिलिटी था.
  • लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी की एम्प्लॉई मेलिसा कैसियास जून 2025 में अपने घर से लापता हो गईं. वह लेबोरेटरी में प्रशासनिक काम संभालती थीं.
  • NASA जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के रिसर्चर फ्रैंक मैवाल्ड की 4 जुलाई 2024 में लॉस एंजेलिस में मौत हो गई.
  • जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की ही कर्मचारी मोनिका जैसिंटो रेजा 22 जून 2025 में गायब हो गईं.
  • 16 फरवरी 2026 को खगोल विज्ञानी कार्ल ग्रिलमायर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वे नासा से जुड़े थे.
  • 48 वर्षीय स्टीवन गार्सिया कंसास सिटी न्यूक्लियर सिक्योरिटी कैंपस में कॉन्ट्रैक्टर थे. यहां परमाणु हथियारों के लिए नॉन न्यूक्लियर कंपोनेंट्स का प्रोडक्शन होता है. 28 अगस्त 2025 को उन्हें घर से निकलते हुए आखिरी बार देखा गया था. वह पैदल जा रहे थे और उनके पास एक हैंडगन भी थी. इसके बाद से उनकी कोई खबर नहीं है.
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