मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिका का ईरान पर लगातार हमला जारी है. इस बीच ऐसा लग रहा है कि एक और मोर्चे पर जंग छिड़ते हुए नज़र आ रही है. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता हुआ दिख रहा है.
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ये हमला पाकिस्तान द्वारा हाल में अफगानिस्तान के अंदर किए गए एयर स्ट्राइक का बदला बताया गया. इसके अलावा, तालिबान ने दावा किया है कि उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस वाहन पर हमला किया. इस हमले में सात पुलिसवालों की जान चली गई है.
खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके को बनाया निशाना
तालिबान ने जानकारी दी है कि अफ़ग़ान वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके में पाक सेना के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यह जानकारी साझा की है.
वार कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों को नुकसान
प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने बताया कि डूरंड लाइन के पास स्थित एक वार कमांड सेंटर और किले के कमांड के ऑफ़िस को भी हमले में निशाना बनाया गया है. पाक के सैन्य ठिकानों, गोदामों और सैनिकों के आवासीय इलाकों को नुक़सान पहुंचाया गया है.
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा: पाकिस्तानी सैन्य केंद्र पर एयर स्ट्राइक
इस बीच अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के एक अहम सैन्य केंद्र को निशाना बनाया है. रक्षा मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि यह हमला “काउंटरिंग इनजस्टिस” यानी अन्याय के जवाब में चलाए जा रहे प्रतिशोधी अभियान के तहत किया गया.
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इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में ‘हमज़ा’ सैन्य केंद्र पर हमला
अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अफगान वायुसेना ने शनिवार शाम करीब 5 बजे इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में स्थित पाकिस्तानी सैन्य शासन के एक प्रमुख सैन्य केंद्र “हमज़ा” को निशाना बनाया. मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान की हालिया सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया है.
पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव
हाल में ही पाकिस्तान के वायुसेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में जैसे काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका में हमले किए थे. इसमें कई लोगों का जान चली गई थी और रिहायशी इलाकों में स्थित कई घर ध्वस्त हो गए थे.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में IED धमाका, पुलिस वाहन को बनाया निशाना - 7 पुलिसकर्मियों की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले में एक IED धमाके में सात पुलिसकर्मियों की मौत हो गई. यह हमला उस समय हुआ जब पुलिस वाहन रसूल खेल चेक पोस्ट के पास गश्त कर रहा था. प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
सादको गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत
प्रवक्ता फितरत ने कहा कि खोस्त प्रांत के सादको गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में मौत हो गई थी. इसके अलावा तीन अन्य बच्चे घायल हो गए थे.
कंधार एयरपोर्ट के पास ईंधन डिपो पर हमले का आरोप
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने हाल ही में आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने कंधार एयरपोर्ट के निकट स्थित निजी एयरलाइन ‘कम एयर’ के ईंधन डिपो पर बमबारी की है. उन्होंने कहा कि यह डिपो नागरिक विमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन प्रदान करता था, जिससे इस हमले की गंभीरता और भी बढ़ जाती है.
तालिबान ने बताया ‘क्रूर आक्रामकता’
तालिबान अधिकारियों ने इस हमले को “क्रूर और बेइमत आक्रामकता” करार दिया है और कहा है कि इसका जवाब दी जाएगी. इस हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. तालिबान के अनुसार, मंगलवार से अब तक पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहे संघर्ष में अफगानिस्तान में सात नागरिक मारे जा चुके हैं.
आतंकवाद को लेकर पुराना विवाद
पाकिस्तान और तालिबान के बीच लंबे समय से जारी तनाव का मुख्य कारण आतंकवाद का मसला है. पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान के भीतर मौजूद आतंकवादी संगठन उसकी सीमाओं पर हमले करते हैं. वहीं, तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है और इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताती है.
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डूरंड लाइन पर अक्सर होती रहती हैं झड़पें
दोनों देशों के बीच लगभग 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन सीमा है, जिस पर अक्सर झड़पें, गोलाबारी तथा एयरस्ट्राइक जैसी घटनाएं होती रही हैं. तालिबान इस सीमा को औपनिवेशिक काल की रेखा मानता है और इसे औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता.
हाल के घटनाक्रमों ने क्षेत्र में संभावित बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है, खासकर ऐसी स्थिति में जब मिडिल ईस्ट पहले से ही युद्ध के माहौल में है. इसलिए, क्षेत्रीय शांति के लिए दोनों पक्षों को गंभीर संवाद और संयम का रास्ता अपनाना बेहद आवश्यक हो गया है.
अरविंद ओझा