मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब अपने तीसरे हफ्ते में पहुंच गई है और हालात पल-पल बिगड़ रहे हैं. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक बड़ा बयान सामने आया है. अराघची ने साफ कर दिया है कि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता 'होर्मुज जलडमरूमध्य' पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि यह सिर्फ 'दुश्मनों और उनके सहयोगियों' के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया है. बाकी देशों के लिए यातायात सामान्य बना हुआ है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, विदेश मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि युद्ध के दौरान आम आबादी वाले इलाकों को बचाने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी, ताकि नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे. हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान के तेल डिपो या पावर प्लांट जैसे ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया गया, तो इसका पहले से कहीं ज्यादा सख्त जवाब दिया जाएगा.
UAE के बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी
जंग के बीच ईरान ने पहली बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की संपत्तियों को खुलेआम धमकी दी है. ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से कहा है कि वे दुबई के जेबेल अली बंदरगाह, अबू धाबी के खलीफा बंदरगाह और फुजैरा बंदरगाह जैसे इलाकों को तुरंत खाली कर दें. ईरान का आरोप है कि अमेरिका इन बंदरगाहों और गुप्त ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खारग द्वीप पर हमला करने के लिए कर रहा है. इसीलिए ईरान ने अब इन जगहों को अपने निशाने पर ले लिया है.
बगदाद से दुबई तक बढ़ा तनाव
जमीन पर भी हमले तेज हो गए हैं. शनिवार को बगदाद में अमेरिकी दूतावास के अंदर एक हेलीपैड पर मिसाइल गिरी, जिससे हड़कंप मच गया. वहीं, संयुक्त अरब अमीरात में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया, जिसका मलबा एक तेल सुविधा पर जाकर गिरा. इन घटनाओं ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अगर तेल की सप्लाई रुकती है, तो इसका असर हर देश की जेब पर पड़ेगा.
ईरान ने यूएई के उन शहरों को भी दहलाने की धमकी दी है जहां दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डे मौजूद हैं. ईरान का कहना है कि जहां-जहां अमेरिकी सेनाएं पनाह ले रही हैं, उन क्षेत्रों को लोग तुरंत खाली कर दें. मिडिल ईस्ट के इन बंदरगाहों से ही दुनिया का ज्यादातर व्यापार और तेल की सप्लाई होती है, ऐसे में इन जगहों पर हमले की धमकी ने वैश्विक बाजार में दहशत पैदा कर दी है.
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