'ईरान जा रहे अमेरिकी वॉर प्लेन को एंट्री नहीं', ट्रंप के खिलाफ अड़ गया स्पेन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अनुरोध को साफ साफ ठुकराते हुए स्पेन ने कहा है कि अमेरिका के जो भी प्लेन ईरान पर हमला करने के लिए जा रहे हैं उन्हें स्पेन के एयरस्पेस से गुजरने की इजाजत नहीं है.

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अमेरिकी विमानों को अब स्पेन के मोरॉन एयर बेस पर लैंडिंग करने की इजाजत नहीं है. (Photo:X/@CENTCOM) अमेरिकी विमानों को अब स्पेन के मोरॉन एयर बेस पर लैंडिंग करने की इजाजत नहीं है. (Photo:X/@CENTCOM)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST

यूरोप का एक छोटा सा देश ईरान में ट्रंप के एक्शन के खिलाफ डटकर खड़ा हो गया है. स्पेन ने कहा है कि ईरान पर हमला करने के लिए जा रहे किसी भी अमेरिकी युद्धक विमान को स्पेन से होकर गुजरने की इजाजत नहीं है. इससे पहले स्पेन ने अमेरिका को उन मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने भी अनुमति नहीं दी जिसका दोनों देश संयुक्त रूप से परिचालन कर रहे थे. 

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ईरान के रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने सोमवार को कहा कि स्पेन ने उन अमेरिकी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है जो ईरान पर हमलों में शामिल हैं. 
 
रॉयटर्स ने  मार्गरीटा रोबल्स का हवाला देते हुए अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि रक्षा मंत्री ने  मैड्रिड में पत्रकारों से कहा, "हम न तो सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं और न ही ईरान में युद्ध से संबंधित कार्यों के लिए हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की."

स्पेनिश अखबार 'एल पाइस' ने सोमवार को सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए सबसे पहले यह खबर दी थी. 

हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण सैन्य विमानों को मध्य पूर्व में अपने टारगेट तक पहुंचने के लिए NATO सदस्य देश स्पेन को बाईपास करके जाना पड़ रहा है, लेकिन 'एल पाइस' ने यह भी बताया कि इसमें आपातकालीन स्थितियां शामिल नहीं हैं. 

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रेडियो ला कैडेना एसईआर के साथ एक इंटरव्यू के दौरान जब अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस क्यूरेप से पूछा गया कि क्या स्पेन के हवाई क्षेत्र को बंद करने के इस फैसले से संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध बिगड़ सकते हैं, तो उन्होंने कहा, "यह फैसला स्पेनिश सरकार द्वारा पहले ही लिए गए उस फैसले का हिस्सा है, जिसके तहत यह तय किया गया था कि हम ऐसे किसी भी युद्ध में न तो हिस्सा लेंगे और न ही उसमें कोई योगदान देंगे, जिसे एकतरफा ढंग से और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ शुरू किया गया हो."

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेड ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के सबसे मुखर विरोधियों में से एक रहे हैं; उन्होंने इन हमलों को 'लापरवाह' और 'गैर-कानूनी' बताया है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में स्पेन के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने से अमेरिका को मना करने पर मैड्रिड के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ने की धमकी दी है.

ईरान वॉर के बीच में कैसे आया स्पेन

अमेरिकी युद्धक विमान जैसे F-15, F-35, B-52 और टैंकर विमान मुख्य रूप से ट्रांस-अटलांटिक रूट से जाते हैं. यानी कि पूर्वी अमेरिका से अटलांटिक महासागर पार कर दक्षिणी स्पेन होते हुए भूमध्य सागर फिर इटली/ग्रीस या उत्तरी अफ्रीका के रास्ते फारस की खाड़ी यानी के ईरान के पास पहुंचते हैं. स्पेन का रोटा नौसेना बेस और मोरॉन एयर बेस इन विमानों का मुख्य स्टेजिंग प्वाइंट है. यहां ये विमान रिफ्यूलिंग करते हैं और लैंडिंग करते हैं. 

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 स्पेन के इनकार की वजह से अब अमेरिकी विमान जर्मनी, इटली या पुर्तगाल के रास्ते घूमकर जाते हैं. जिससे इनका रूट लंबा और महंगा हो गया है.

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