ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरान के हमले से हाहाकार, धधक रहा है लाखों लीटर कच्चा तेल

ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरानी ड्रोन्स से भयंकर हमला किया गया है. पोर्ट के कम से कम तीन तेल स्टोरेज केंद्रों में आग लग गई है. यहां लाखों लीटर कच्चा तेल जल रहा है. इससे निकलने वाले धुएं ने पूरा आसमान काला कर दिया है.

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हमले के बाद सलालाह पोर्ट पर भीषण आग. (Photo: X/@tehrantimes79) हमले के बाद सलालाह पोर्ट पर भीषण आग. (Photo: X/@tehrantimes79)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:03 PM IST

ओमान के एक पोर्ट पर भीषण हमला हुआ है. ओमान के सलालाह पोर्ट पर बुधवार को ईरान ने ड्रोन्स से तबाही मचाई है. रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में कम से कम 3 ऑयल स्टोरेज डिपो में आग लग गई है. वहां लाखों लीटर कच्चा तेल जल रहा है. हमले के बाद क्रूड ऑयल टैंकर से काले धुएं का विशाल गुबार निकल रहा है. हमले के बाद सलालाह पोर्ट को खाली करा लिया गया है. 

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ओमान के दक्षिण-पूर्वी सिरे पर स्थित सलालाह एक बड़ा कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब है. पिछले साल सभी छह बर्थ पर अपग्रेड और यार्ड बढ़ाने के बाद इसकी ट्रांसशिपमेंट फैसिलिटी बढ़ गई है. लेकिन इस हमले से यहां काफी नुकसान की आशंका है.

ओमान के सलालाह पोर्ट पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है.  11 मार्च 2026 को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में पोर्ट के तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया. जिससे बड़े पैमाने पर आग लग गई. ओमानी स्टेट मीडिया के अनुसार ओमान के एयर डिफेंस ने कई ड्रोन्स को मार गिराया गया, लेकिन कुछ ड्रोन्स ईंधन टैंकों पर गिर गए. इसके बाद इन टैंकों में भीषण आग लग गई. हमले की वजह से काला धुआं फैल गया और आग की लपटें निकलने लगीं. ताजा रिपोर्ट में हमले में कोई घायल नहीं हुआ है, लेकिन पोर्ट के दक्षिणी हिस्से में ऑपरेशंस अस्थायी रूप से निलंबित कर दिए गए हैं. 

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इस हमले को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के जवाब में देखा जा रहा है, जहां ईरान गल्फ क्षेत्र की ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को लक्ष्य बना रहा है. सलालाह अरब सागर का प्रमुख कंटेनर हब है और हॉर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाली महत्वपूर्ण ट्रेड रूट पर स्थित है. 

इस हमले से पहले से ही डंवाडोल वैश्विक तेल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, क्योंकि पोर्ट से तेल निर्यात बाधित हुआ है. ओमानी अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखते हुए सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं, और आग बुझाने के प्रयास जारी हैं.

सोशल मीडिया वीडियो से पता चलता है कि आग अभी भी नियंत्रण में नहीं आई है, और धुआं मीलों तक फैला हुआ है. 

इस बीच ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की. जहां उन्होंने ओमानी इलाके पर हो रहे हमलों पर अपनी नाराजगी और निंदा जाहिर की है.

ओमान के नेता ने दावा किया कि इस झगड़े में ओमान तटस्थ है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ओमान अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा. 

पिछले सप्ताह ओमान के दुकम पोर्ट पर एक ईंधन स्टोरेज टैंक पर ड्रोन से हमला हुआ था. इस दौरान भी काफी नुकसान हुआ था. 

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ईरान के नजदीक स्थित होने की वजह से ओमान तेहरान का सबसे आसान टारगेट है. ओमान अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्वी छोर पर स्थित है. यह खाड़ी क्षेत्र में है, लेकिन पारंपरिक रूप से इसे 'फारस की खाड़ी' के अंदर नहीं गिना जाता. ओमान मुख्य रूप से ओमान की खाड़ी और अरब सागर के किनारे बसा है. इसका उत्तरी हिस्सा यानी कि मुसंदम प्रायद्वीप का रूस अल-जिबाल एन्क्लेव स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक मुहाने पर है, जो ईरान से सटा हुआ है. 

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