विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका की यात्रा के समापन पर भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने बताया कि उनका यह दौरा बेहद ही पॉजिटिव और प्रोडक्टिव रहा. साथ ही, उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आभार भी व्यक्त किया.
एस. जयशंकर ने यह साफ किया कि भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील अब अंतिम स्टेज में पहुंच चुका है. टेक्निकल और औपचारिक प्रक्रियाओं को जल्द ही पुरा किया जाएगा. उनका मानना है कि यह ट्रेड डील दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक नए चैप्टर की शुरुआत करेगी और सहयोग के नए रास्ते खोलेगी.
विदेश मंत्री ने बताया कि यह डील केवल बिजनेस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर रणनीतिक और लॉन्ग-टर्म पार्टनशिप पर भी पड़ेगा. उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पर लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप तेजी से बढ़ रहा है, जो फ्यूचर की टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन और सप्लाई चेन के लिए बेहद ही जरूरी होगा.
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जयशंकर ने आगे कहा कि आने वाले समय में स्ट्रेटेजिक समस्याओं, डिफेन्स कारपोरेशन और एनर्जी सेक्टर पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी. उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भारत-अमेरिका संबंधों में मौजूदा समय में एक मजबूत गति देखने को मिल रही है, जो फ्यूचर में और गहरी होगी.
यह बयान इस रेफरेंस में भी खास महत्व रखता है कि ग्लोबल सिनेरियो में भारत और अमेरिका के सामने कई साझा चुनौतियां और अवसर मौजूद हैं. इस ट्रेड डील के अंतिम चरण में पहुंचने से यह साफ हो जाता है कि दोनों देश इकोनॉमी और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कमिटेड हैं.
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