रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ग्रीनलैंड के आसपास गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति की निगरानी करने की पुष्टि की है. वॉशिंगटन में बैठे अधिकारियों को रूस और चीन द्वारा ग्रीनलैंड पर कब्जे की किसी भी योजना का कोई सबूत नहीं मिला है. लावरोव ने कहा कि रूस, ग्रीनलैंड के मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं रखता है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड, डेनमार्क का हिस्सा नहीं है.
डेनमार्क के इस पूर्व औपनिवेशिक क्षेत्र का मुद्दा मौजूदा वक्त में वैश्विक स्तर पर काफी गंभीर हो गया है. मौजूदा वक्त में NATO चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है और उसे ग्रीनलैंड पर गठबंधन के अंदर ही फैसला लेना होगा.
लावरोव ने कहा, "NATO को गठबंधन के अंदर ग्रीनलैंड पर फैसला लेना चाहिए."
'कब्जे की कोई योजना नहीं...'
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा, "वॉशिंगटन जानता है कि रूस की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है. हम ग्रीनलैंड के आसपास 'गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति' पर नज़र रख रहे हैं. रूस या चीन की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की योजनाओं की कोई पुष्टि नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व औपनिवेशिक क्षेत्रों की समस्या अब ज़्यादा गंभीर है. ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है. NATO चुनौतियों के दौर से गुज़र रहा है, रूस को ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने में कोई दिलचस्पी नहीं है.
लावरोव ने कहा कि रूस बाल्कन पर अमेरिका के साथ संपर्क के लिए तैयार है.
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