रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव की हत्या करने वाले आरोपी को दुबई में गिरफ्तार किया गया है. 6 फरवरी, 2026 को अलेक्सेयेव पर फायरिंग करने के तुरंत बाद आरोपी दुबई फरार हो गया था. अब रूसी अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद अब उसे रूस वापस लाया जा रहा है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रूसी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी यूक्रेन के लिए काम कर रहा था. जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने जानकारी दी कि ये हमला सीनियर सैन्य अधिकारियों की सिलसिलेवार हत्याओं के बाद हुआ है और इसके लिए यूक्रेन जिम्मेदार है.
संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) की मानें तो आरोपी की पहचान रूसी नागरिक ल्युबोमिर कोरबा के रूप में हुई है. वहीं, जांच समिति ने दावा किया कि कोरबा दिसंबर में यूक्रेनी खुफिया सेवाओं के कहने पर आतंकवादी हमला करने के लिए मॉस्को पहुंचा था.
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कानून प्रवर्तन एजेंसियां करेंगी मामले की जांच
FSB ने बताया कि उसने इस मामले में दो "सहयोगियों" की भी पहचान की है, जिनमें से एक को मॉस्को में हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि दूसरा यूक्रेन के लिए रवाना हो गया है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस मामले को लेकर बताया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों इसकी जांच कर रही है.
रूस-यूक्रेन की अहम बैठक के बाद ही हमला
बता दें कि यूक्रेन में लगभग चार साल से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए यूएई के अबू धाबी में रूसी, यूक्रेन और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच मीटिंग हुई थी. इसके एक दिन बाद ही लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव पर गोलीबारी की गई.
अलेक्सेयेव का शुमार पुतिन के टॉप कमांडर्स की लिस्ट में होता है. वो 2011 से रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी के पहले उप प्रमुख बने हुए हैं.
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