ISI ने प्रिंसिपल बनाकर छिपाया, दिए AK-47 लैस गार्ड... फिर भी बच न पाया पुलवामा का पापी

पुलवामा हमले से जुड़े आतंकवादी हमजा बुरहान की PoK में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. सूत्रों के मुताबिक ISI ने उसे स्कूल प्रिंसिपल का कवर दिया हुआ था और AK-47 लैस सुरक्षा भी मिली थी. आरोप है कि वह अल बद्र आतंकवादी संगठन के लिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां और भर्ती नेटवर्क चला रहा था.

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पीओके में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान (Photo: AI Generated) पीओके में अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया पुलवामा हमले से जुड़े आतंकी हमजा बुरहान (Photo: AI Generated)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में एक आतंकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. नाम था हमजा बुरहान. यह वही शख्स था जिसने 2019 के जम्मू-कश्मीर के पुलवामा हमले में अहम भूमिका निभाई थी जिसमें 40 भारतीय CRPF जवान शहीद हुए थे. लेकिन ISI ने इसे एक स्कूल के प्रिंसिपल की आड़ में छुपाया हुआ था, AK-47 वाले गार्ड लगाए थे. इतनी सुरक्षा के बावजूद यह बच नहीं पाया.

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हमजा बुरहान का असली नाम अरजुमंद गुलजार डार था. उसे 'डॉक्टर' के कोड नेम से भी जाना जाता था. वो पुलवामा जिले के खरबटपोरा, रत्निपोरा का रहने वाला था. उम्र सिर्फ 27 साल. देखने में एक आम कश्मीरी नौजवान. लेकिन असल में पाकिस्तान से चलने वाले खतरनाक आतंकी संगठन अल बद्र का कमांडर.

कैसे बना आतंकी? 

पुलवामा से निकला: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पैदा हुआ. यहीं पला-बढ़ा. फिर किसी वक्त पाकिस्तान चला गया.

अल बद्र से जुड़ा: पाकिस्तान जाकर आतंकी संगठन 'अल बद्र' में शामिल हो गया. यह संगठन भारत में बैन है और इसे आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है.

कमांडर बना: धीरे-धीरे अल बद्र का कमांडर बन गया. पाकिस्तान से बैठकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाएं करवाता था.

ISI ने कैसे छुपाया?

प्रिंसिपल का मुखौटा बनाकर ISI ने उसे छुपाया. ISI ने हमजा को POK में एक स्कूल का प्रिंसिपल बनाकर रखा. बाहर से देखने पर वो एक साधारण शिक्षक लगता था. लेकिन इसी आड़ में वो आतंकी ऑपरेशन चलाता रहता था.

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यह भी पढ़ें: पुलवामा का मास्टरमाइंड, डॉक्टर-टीचर और आतंकियों का रिक्रूटर... जानें कौन था हमजा बुरहान

AK-47 वाले गार्ड तैनात

ISI ने उसकी सुरक्षा के लिए AK-47 से लैस गार्ड तैनात किए हुए थे. इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान इसे कितना जरूरी मानता था.

उसके खिलाफ क्या-क्या मामले थे?

पुलवामा हमले में भूमिका: 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में इसका हाथ था जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए थे.

विस्फोटक बरामदगी: पुलवामा में इसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के पास से विस्फोटक बरामद हुए थे.

CRPF पर ग्रेनेड हमला: पुलवामा में CRPF के जवानों पर ग्रेनेड हमला करवाने में भी इसका हाथ था.

युवाओं को भर्ती: जम्मू-कश्मीर के युवाओं को बहला-फुसलाकर अल बद्र में शामिल करवाता था.

मौत कैसे हुई?

इतनी सुरक्षा के बावजूद POK में अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान को गोली मारकर मार डाला. अभी तक यह साफ नहीं है कि हमलावर कौन थे. 

कब हुआ था पुलवामा हमला?

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे. जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. इसके बाद भारत ने बालाकोट एयर स्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की. पुलवामा हमला आज भी देश की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जाता है.

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यह हमला 1989 के बाद कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हुआ सबसे बड़ा आतंकी हमला माना गया. घटना के बाद पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल था. हर तरफ शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई.

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