पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक आतंकी को अज्ञात शख्स ने गोली मारी. आतंकी हमजा बुरहान 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक था और पाकिस्तान में खुद को टीचर बताता था.
पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को हुआ था. जब आतंकियों ने सेना के काफिले को निशाना बनाया था. इस आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए थे. जानकारी के मुताबिक आतंकी हमजा बुरहान को अज्ञात शख्स ने मुजफ्फराबाद में गोली मारी. ये घटना तब हुई जब ये आतंकी अपने ऑफिस में बैठा हुआ था.
गुरुवार को हुई इस वारदात के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में 'सीक्रेट किलर' की चर्चा होने लगी है. असल में साल 2019 के बाद से पड़ोसी मुल्क में आतंक के कई सरगाने ऐसे ही मारे गए हैं. सामने आया है कि सभी की हत्या अज्ञात हमलावरों के द्वारा की गई है. ये अज्ञात हमलावर कौन है, इसका खुलासा नहीं हुआ, लेकिन बीते 4 से 5 वर्षों के घटनाक्रमों पर नजर डालें तो अब तक 25 से ज्यादा आतंकियों का काम तमाम हो चुका है.
हाफिज सईद के करीबी की भी हत्या
इसमें सबसे ताजा नाम हमजा बुरहान का है. इससे पहले इसी साल अप्रैल में हाफिज सईद के करीबी की भी हत्या कर दी गई थी. लश्कर-ए-तैयबा का अहम चेहरा और हाफिज सईद का करीबी सहयोगी शेख यूसुफ़ अफरीदी अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मारा गया था. ये घटना खैबर पख्तूनख्वा के खैबर इलाके के लांडी कोतल में हुई थी, जो इस्लामाबाद से करीब 250 किलोमीटर दूर है.
सामने आया था कुछ हथियारबंद हमलावरों ने शेख यूसुफ़ अफरीदी पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. शेख यूसुफ अफरीदी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के क्षेत्रीय ढांचे में अहम भूमिका निभाता था.
ठीक एक साल पहले 18 मई 2025 को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में लश्कर-ए-तैएबा के टॉप कमांडर सैफुल्लाह खालिद कोअज्ञात हमलावर ने मार गिराया था. आतंकी खालिद लंबे समय से नेपाल से टेरर एक्टिविटी ऑपरेट कर रहा था. लेकिन हत्या के वक्त वह सिंध प्रांत में था और वहां रजाउल्लाह के नाम से छिपकर रह रहा था. खालिद भारत पर हुए तीन बड़े हमलों शामिल था.
हमजा बुरहान, आफरीदी या सैफुल्लाह ही इस लिस्ट में अकेले नाम नहीं हैं. 2021 के बाद से पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कई आतंकी मारे गए हैं जो नई दिल्ली की "वांटेड लिस्ट" में शामिल थे. गौर करने वाली बात ये है कि इन सभी आतंकियों को अज्ञात हमलावर ने मौत के घाट उतारा है. मारे गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा (LeT), हिज्बुल मुजाहिदीन (HuM), जैश-ए-मुहम्मद (JeM) जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. लगातार मारे जा रहे आतंकियों के बाद पाकिस्तान में रह रहे सभी प्रमुख आतंकियों में इसका खौफ देखा जा रहा है.
मौलाना काशिफ अली: हाफिज सईद के एक और करीबी और लश्कर की पॉलिटिकल विंग का नेता मौलाना काशिफ अली भी अज्ञात हमलावरों का शिकार बना था. उसे फरवरी 2025 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया. जानकारी के मुताबिक काशिफ अली मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद का साला था. काशिफ अली को स्वाबी में उसके घर के दरवाजे पर गोली मारकर हमलावर बाइक पर बैठकर फरार हो गए थे.
मुफ्ती शाह मीर: पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का अंडरकवर एजेंट मुफ्ती शाह मीर की मार्च 2025 में बलूचिस्तान के तुरबत शहर में बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. मुफ्ती शाह मीर पर भारतीय कारोबारी और पूर्व नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को ईरान से अगवा करने में ISI की मदद करने का आरोप था. वह आईएसआई की मदद से हथियारों और ड्रग्स की तस्करी करने में भी शामिल था.
मौलाना हमीदुल हक हक्कानी: 57 साल के मौलाना हमीदुल हक हक्कानी को 28 फरवरी 2025 को खैबर पख्तुनखवा में तब मारा गया था जब एक मदरसे में जुमे की नमाज के बाद लोग इकट्ठा हुए थे. इसी दौरान एक फिदायीन ने खुद को उड़ा लिया था. मौलाना हमीदुल हक हक्कानी दार उल उलूम हक्कानिया सेमिनारी का चीफ था. यह मदरसा लंबे समय से तालिबान से जुड़ा हुआ है, क्योंकि इसके कई सदस्यों ने, जिनमें समूह का संस्थापक मुल्ला उमर भी शामिल है, यहीं प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई: पाकिस्तान के क्वेटा में अज्ञात हमलावरों ने 16 मार्च 2025 जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के एक वरिष्ठ नेता की गोली मारकर हत्या कर दी. इसकी पहचान मुफ्ती अब्दुल बाकी नूरजई के तौर पर हुई. मुफ्ती अब्दुल बाकी मस्जिद जा रहा था तभी उस पर अज्ञात हमलावरों ने गोली चलाई.
मेजर दानियाल: मार्च 2024 में ही पाकिस्तान सेना से जुड़े अधिकारी मेजर दानियाल की पेशावर में अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी. वह 2016 में बारामूला में हुए सेना के काफिले पर हमले का मुख्य साजिशकर्ता था. मेजर दानियाल ने भारतीय सेना के काफिले पर हमला करने वाले आतंकियों को मदद पहुंचाई थी और उसे आईएसआई का करीबी माना जाता था.
अबू कताल: फैसल नदीम उर्फ अबू कताल को भारत के दुश्मनों में गिना जाता था और अज्ञात हमलावरों ने झेलम जिले में गोलियों से भूनकर उसकी हत्या कर दी थी. अबू कताल, हाफिज सईद का भतीजा था और रियासी आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था. वो NIA की तरफ से मोस्ट वांटेड घोषित किया जा चुका था.
अदनान अहमद: दिसंबर 2023 में अदनान अहमद को कराची में मारा गया था. अदनान हाफिज सईद का करीबी और लश्कर का टॉप आतंकी था. इसे भी अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था. अदनान पंपोर में CRPF काफिले पर हमले का आरोपी था.
शाहिद लतीफ: पठानकोट एयरबेस हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर शाहिद लतीफ की अक्टूबर 2023 में पाकिस्तान के सियालकोट में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक मस्जिद में गोली मारकर हत्या कर दी थी. लतीफ 2016 में पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था. वह स्टेशन पर हमला करने वाले चार आतंकियों को पाकिस्तान से बैठकर निर्देश दे रहा था.
रहीमुल्ला तारिक: नवंबर 2023 में कराची में मौलाना रहीमुल्ला तारिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मौलाना रहीमुल्ला जैश चीफ मसूद अजहर का करीबी था और अक्सर भारत विरोधी तकरीरें करता था. कराची के ओरंगी टाउन में एक भारत विरोधी जलसे के आयोजन के दौरान ही अज्ञात हमलावरों ने उसे गोलियों से भून डाला. पुलिस ने इसे टारगेट किलिंग का मामला बताया था.
अकरम गाजी: लश्कर-ए-तैयबा के पूर्व कमांडर अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की 10 नवंबर 2023 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अकरम भारत के खिलाफ जहर उगलता था. वह 2018 से 2020 तक लश्कर में भर्ती का काम देखता था. अकरम लश्कर के टॉप कमांडर्स में शामिल था और वह लंबे वक्त से भारत विरोधी साजिशों का हिस्सा था. उसे पाकिस्तान के बाजौर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.
ख्वाजा शाहिद: जम्मू में सुंजवान स्थित आर्मी कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड ख्वाजा शाहिद 6 नवंबर 2023 को पीओके में अपने घर में मरा पाया गया था. ख्वाजा शाहिद की सिर कटी लाश मिली थी, जिसे कुछ दिन पहले ही अगवा किया गया था. शाहिद लश्कर का कमांडर था. ख्वाजा शाहिद उर्फ मियां मुजाहिद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नीलम घाटी का रहने वाला था और उसे भी अज्ञात बंदूकधारियों ने अगवा किया था.
मौलाना जियाउर रहमान: लश्कर का आतंकी मौलाना जियाउर रहमान की भी अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी. वह कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर में मौलवी बनकर रहता था. लेकिन उसका काम युवाओं को हथियार उठाने और भारत के खिलाफ जिहाद करने के लिए उकसाना था. सितंबर 2023 में बाइक सवार दो बदमाशों ने कराची में उसे गोली मार दी थी.
बशीर अहमद: हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम की फरवरी 2023 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. भारत सरकार ने बशीर को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था. बशीर पर पाकिस्तान के रावलपिंडी में अज्ञात हमलवरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिसमें उसकी मौत हो गई थी. जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के बाबरपोरा निवासी बशीर भारत में वॉटेंड था.
जहूर इब्राहिम: जैश के आतंकी जहूर इब्राहिम उर्फ मिस्त्री जहूर इब्राहिम को भी मार्च 2022 में कराची में मौत के घाट उतार दिया गया. वह 1999 में कंधार हाईजैक और उसमें सवार यात्री रूपिन कात्याल की हत्या करने में शामिल था. जहूर को दो हथियारबंद बाइक सवारों ने बहुत पास से गोली मारी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.
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परमजीत सिंह पंजवर: खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) का चीफ और आतंकवादी परमजीत सिंह पंजवर उर्फ मलिक सरदार सिंह को भी अज्ञात हमलावरों ने ढेर कर दिया था. लाहौर में मई 2023 को गोली मारकर खालिस्तानी आतंकी की हत्या कर दी गई. परमजीत अपनी सोसाइटी में सुबह करीब 6 बजे टहल रहा था और तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परमजीत सिंह को जुलाई 2020 में UAPA के तहत भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया था.
कारी एजाज आबिद: पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों ने जैश के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के रिश्तेदार कारी एजाज आबिद को भी अप्रैल 2025 में ढेर कर दिया था. आबिद को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में मस्जिद से बाहर निकलते वक्त गोलियों ने भून दिया गया और इस हमले में उसका एक साथी भी बुरी तरह से घायल हो गया था. वह जैश-ए-मोहम्मद के लिए आतंकियों की भर्ती करता था.
दाऊद मलिक: मसूद अजहर के एक गुर्गे दाऊद मलिक को भी उत्तरी वजीरिस्तान में अज्ञान बंदूकधारियों ने अक्टूबर 2023 में मौत के घाट उतार दिया था. दाऊद मलिक लश्कर-ए-जब्बार नाम के आतंकी संगठन का संस्थापक था और उसे अज्ञात नकाबपोश हमलवारों ने निशाना बनाया था.
आमिर सरफराज: पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के करीबी आमिर सरफराज को अज्ञात हमलावरों ने मारा था. वह अपने घर में था जब दो अज्ञात हमलावर उसके घर पहुंचे. उन्होंने डोरबेल बजाई और जैसे ही आमिर ने दरवाजा खोला, हमलवारों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं.
एजाज अहमद अहंगर: आतंक की किताब कहे जाने वाला एजाज अहमद अहंगर 22 फरवरी, 2023 को अफगानिस्तान के काबुल में मारा गया था. अनजान हमलावरों ने उसकी हत्या कर दी थी. वो भारत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) को फिर से शुरू करना चाहता था. एजाज आतंकी संगठन अल कायदा के भी संपर्क में था.
सैयद खालिद रजा: 26 फरवरी, 2023 को पाकिस्तान में अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. अल बद्र एक कट्टरवादी संगठन है, जो कश्मीर में आतंकियों को ट्रेंड कराता था. सैयद खालिद रजा की कराची में उसके घर के बाहर ही अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
मोहम्मद रियाज: रियाज जिसे अबु कासिम कश्मीरी के नाम से भी जाना जाता था, जिसने 2023 में कश्मीर में पांच जवानों की हत्या कर दी गई थी. वह सितंबर 2023 में रावलपिंडी में उस समय मारा गया जब वह जुमे की नमाज अदा कर रहा था, अबु को इस्लामिस्ट गुरिल्ला लीडर कहा जाता था, जो छुपकर भारतीय जवानों पर हमला किया करता था. एक अंजान हत्यारे ने उसके जिस्म को चार गोलियां से छलनी कर दिया था.
सैय्यद नूर शालोबर: भारत के वांछित आतंकियों की लिस्ट में शामिल और कश्मीर में आतंकवाद फैलाने वाले सैयद नूर शालोबर की 4 मार्च 2023 को खैबर पख्तूनख्वा इलाके में हत्या कर दी गई.
लाल मोहम्मद: जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार में शामिल एक संदिग्ध आईएसआई ऑपरेटिव लाल मोहम्मद का पीछा किया गया और 2022 नेपाल में काठमांडू के बाहरी इलाके में उसे गोली मार दी गई.
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