अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज से एक ताजा वीडियो सामने आया है. ईरानी न्यूज चैनल 'प्रेस टीवी' (PRESS TV) ने इस वीडियो को अपने कैमरे में कैद किया है, जिसमें इस समुद्री मार्ग में सैकड़ों की संख्या में जहाजें खड़ी दिखाई दे रही हैं. यह जलमार्ग जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है, जहाजों की आवाजाही के लिए खुला तो है, लेकिन हालात सामान्य नहीं हैं. इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही पर खतरे के बादल अब भी मंडरा रहे हैं.
प्रेस टीवी के पत्रकार ने 29 मार्च को एक ईरानी जहाज पर सवार होकर होर्मुज का दौरा किया और करीब एक घंटे तक वहां की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने लगभग 100 तेल टैंकर और मालवाहक जहाजों को गुजरते हुए देखा, जिससे यह साफ होता है कि जलमार्ग पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. हालांकि, पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही ईरान की तय शर्तों के तहत हो रही है. यानी यह समुद्री मार्ग खुला जरूर है, लेकिन इसका संचालन और नियंत्रण ईरान के हाथ में है.
प्रेस टीवी के पत्रकार के मुताबिक, कई जहाज ईरानी बंदरगाह से दूरी बनाकर खड़े हैं, क्योंकि उन्हें हमले का खतरा बना हुआ है. यही वजह है कि जहाज इस संवेदनशील क्षेत्र में बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज करीब 30 किलोमीटर चौड़ा है, लेकिन जहाजों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाला मार्ग बेहद संकरा है. इसमें केवल करीब 3 किलोमीटर का ही हिस्सा जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से उपयोग में लाया जाता है. होर्मुज का एक सिरा ईरान की सीमा और दूसरा ओमान की सीमा से लगता है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान और संयुक्त अरब अमीरात को जोड़ता है. वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से इसकी अहमियत बहुत अधिक है. दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है. इसके अलावा कतर जो एलएनजी (LNG) प्रोडक्शन करता है, उसका एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और ऑयल मार्केट पर पड़ता है.
ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया है बल्कि इसे नियंत्रित कर रहा है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, यह समुद्री मार्ग उसके मित्र और सहयोगियों देशों के लिए खुला है, लेकिन दुश्मनों और उनके सहयोगियों के लिए पूरी तरह बंद है. ईरान का दुश्मनों से मतलब, अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों से हैं. ईरान इस रास्ते से भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान की जहाजों को गुजरने दे रहा है, लेकिन क्षेत्र में संघर्ष के चलते उनकी संख्या सीमित हो गई है. दुनिया की नजरें अब इस अहम समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं, जहां हर गतिविधि का असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है.
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