पैक्स सिलिका अलायंस, जिसमें शामिल होगा भारत? जानें- क्या होगा इससे फायदा

भारत जल्द ही 'पैक्स सिलिका अलायंस' में शामिल होने जा रहा है. ये अमेरिका की अगुवाई वाला अलायंस है, जिसमें जापान, कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं.

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क्या है 'पैक्स सिलिका अलायंस' (Photo: AP) क्या है 'पैक्स सिलिका अलायंस' (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:02 AM IST

भारत जल्द ही 'पैक्स सिलिका अलायंस' में शामिल होने वाला है. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को ऐलान किया कि भारत को अगले महीने पैक्स सिलिका अलायंस में फुल मेंबर के तौर पर शामिल होने के लिए इनवाइट किया जाएगा. ये अमेरिका की अगुवाई वाला अलायंस है, जिसका मकसद एक सुरक्षित, मजबूत और इनोवेशन पर आधारित सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है.

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सर्जियो गोर ने कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड्स, यूके, इजरायल, यूएई और ऑस्ट्रेलिया जैसे सदस्यों के साथ-साथ भारत के जुड़ने से टेक्नोलॉजिकल और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

भारत कितना जरूरी?

भारत की भागीदारी के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए सर्जियो गोर ने कहा, 'मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि अगले महीने भारत को इस अलायंस में फुल मेंबर के तौर पर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा.' 

पिछले साल, ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा और OECD ने पहले शिखर सम्मेलन में गेस्ट कंट्रीब्यूटर के तौर पर हिस्सा लिया था. गोर ने आगे कहा, 'जैसे-जैसे दुनिया नई टेक्नोलॉजी अपना रही है, यह जरूरी है कि भारत और अमेरिका इस पहल की शुरुआत से ही मिलकर काम करें.' उन्होंने कहा, 'मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया में घूमा हूं और मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है.'

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क्या है ये पैक्स सिलिका?

पैक्स सिलिका अमेरिका की तरफ से शुरू की गई एक नई अंतर्राष्ट्रीय पहल है. इसमें पैक्स (PAX) शब्द लैटिन से लिया गया है, जिसका मतलब शांति या स्थिरता है. वहीं, सिलिका (Silica) का मतलब सिलिकॉन से है.

इसका मकसद अहम खनिजों और ऊर्जा से लेकर एडवांस्ड मैनुफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक तक सिलिकॉन की सप्लाई चेन को सुनिश्चित करके स्थिरता बकरार रखना है.

अमेरिकी सरकार इस इनिशिएटिव को 'जबरदस्ती की निर्भरता' को कम करने और AI के लिए अहम चीजों की सुरक्षा के एक तरीके के रूप में बताता है.

इससे फायदा क्या होगा?

इस अलायंस में शामिल होने वाले देशों को बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाली टेक्नोलॉजी को डेवलप और डिप्लॉय करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, इससे ग्लोबल सप्लाई चेन की चुनौतियों का सामना करने में भी मदद मिलेगी.

पैक-सिलिका में शामिल होने से उम्मीद है कि भारत ग्लोबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाएगा और AI और सेमीकंडक्टर के सेक्टर में इनोवेशन में योगदान देगा.

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