पाकिस्तान का ग्रूमिंग गैंग लंदन में लंबे समय से सक्रिय रहा है जो छोटी बच्चियों को अपना शिकार बनाता है. अब पश्चिमी लंदन में गैंग के एक सदस्य ने 16 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और फिर उसके साथ रेप किया है. उसे बचाने के लिए 200 से अधिक सिखों ने आरोपी के घर पर धावा बोल दिया और लड़की को बचा लिया है.
लड़की को बचाने के लिए सिख समुदाय के लोगों ने कई घंटे तक प्रदर्शन कर पुलिस पर दबाव बनाया जिसके बाद संदिग्ध को पुलिस हिरासत में ले लिया गया और किशोरी को उसके परिवार से मिला दिया गया.
सिख प्रेस एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी 30 साल से ज्यादा उम्र का था. आरोपी पश्चिम लंदन के हाउन्सलो इलाके में 16 साल से कम उम्र की बच्चियों से दोस्ती कर उन्हें बहला-फुसलाकर उनका शोषण करता था. रेस्क्यू की गई लड़की सिख समुदाय से ही है और जब वो 13 साल की थी तभी से आरोपी ने उससे अपनी दोस्ती शुरू कर दी थी.
हाउन्सलो में हुई घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. फुटेज में दिख रहा है कि घंटों चले प्रदर्शन के बाद पुलिस आरोपी को वैन में बिठाकर ले जा रही है. इन प्रदर्शनों में लड़की के माता-पिता भी मौजूद थे.
30 दिसंबर 2025 को, सिख समुदाय के एक ग्रुप, एके मीडिया 47 ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उसके नेता जस्सा सिंह, कथित तौर पर अफगान मुस्लिम पृष्ठभूमि के एक शख्स से भिड़ते दिखाई दे रहे थे. एक पड़ोसी ने बताया कि वो एक छोटी बच्ची के साथ घिनौनी हरकत कर रहा था और वो एक बदमाश आदमी है. पड़ोसी ने कहा कि उसने उसे लगभग 12 साल की दिखने वाली एक अन्य लड़की के साथ भी देखा था.
सिख प्रेस एसोसिएशन के अनुसार, सिख लड़की जब 16 साल की हुई तब आरोपी ने उसे घर छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था. इसके लिए आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले बहलाने-फुसलाने के हथकंडे अपनाए गए.
पुलिस अब तक इस मामले में मदद नहीं कर पाई थी, क्योंकि आरोपी ने कानूनी खामियों का फायदा उठाया. इसे देखते हुए सिख समुदाय सड़क पर आ गया और लड़की को बचाने के लिए कदम उठाया.
हाउन्सलो में 20 माध्यमिक विद्यालय हैं, और कथित तौर पर बच्चों का यौन शोषण करने वाले व्यक्ति के घर के पास से प्रतिदिन हजारों बच्चे गुजरते हैं.
ब्रिटेन स्थित सिख समूहों, जिनमें सिख यूथ यूके (SYUK) भी शामिल है, ने पिछले साल इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए आपातकालीन सेमिनार आयोजित किया था. इसके बाद यौन शोषण के मामलों में राष्ट्रव्यापी जांच शुरू की है.
रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कमजोर सिख लड़कियों को अक्सर ऐसे रिश्तों में मजबूर किया जाता है जो शुरू में दोस्ती के तौर पर शुरू होते हैं, इसके लिए 'लव बॉम्बिंग,' धमकाने या हेरफेर जैसी रणनीति का इस्तेमाल किया जाता है.
यौन शोषण करने वाले गिरोह अंतरधार्मिक तनावों का फायदा उठाकर पीड़ितों को उनके परिवारों से अलग कर देते हैं. कई मामलों में इसके परिणामस्वरूप दुर्व्यवहारपूर्ण संबंध, जबरन वेश्यावृत्ति और कुछ दुर्लभ मामलों में लड़कियों को इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकवादी समूहों में भर्ती करने के प्रयास किए गए हैं.
पिछले साल जून में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टारमर ने ब्रिटेन भर में हजारों लड़कियों का यौन शोषण करने वाले गिरोहों की राष्ट्रीय जांच की घोषणा की थी.
देश में लंबे समय से ग्रूमिंग गैंग एक संवेदनशील और राजनीतिक रूप से विवादास्पद मुद्दा रहा है. एक दशक पहले सामने आए इस स्कैम ने खुलासा किया कि कई पाकिस्तानी सदस्यों वाले गिरोहों ने रोदरहम, रोशडेल और टेलफोर्ड जैसे शहरों में सुनियोजित तरीके से युवा श्वेत लड़कियों को बहला-फुसलाकर, उनकी तस्करी की और उनके साथ बलात्कार किया.
बाद में हुई जांच में पता चला कि स्थानीय अधिकारियों और पुलिस ने वर्षों तक दुर्व्यवहार की रिपोर्टों को नजरअंदाज किया था. उन्हें डर था कि अगर ये खबरें सामने आईं तो सामुदायिक तनाव भड़क सकता है.
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कमजोर लड़कियों के निरंतर शोषण को रोकने में ब्रिटिश सरकार की विफलता की आलोचना की थी जिसके बाद यह मुद्दा 2025 की शुरुआत में फिर से सुर्खियों में आ गया था. किएर स्टारमर की सरकार ने ग्रूमिंग गैंग पर शिकंजा कसने के लिए कई कदम उठाए हैं.
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