पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर कोरोना पॉजिटिव, 5 दिन पहले इमरान से की थी मुलाकात

असद कैसर ने 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की थी. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, असद कैसर के बेटे-बेटी भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं.

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पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर कोरोना पॉजिटिव (फाइल फोटो) पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर कोरोना पॉजिटिव (फाइल फोटो)

हमजा आमिर

  • इस्लामाबाद,
  • 01 मई 2020,
  • अपडेटेड 6:19 PM IST

  • पाकिस्तान में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 16 हजार से ज्यादा
  • अब तक 358 लोगों की कोरोना से जा चुकी है जान

पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. असद ने 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की थी. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, असद कैसर के बेटे-बेटी भी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं.

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान का भी हाल में कोरोना का टेस्ट हुआ था. उनके रिपोर्ट निगेटिव आई थी. इमरान खान को कोरोना टेस्ट इसलिए कराना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने एक ऐसे शख्स से मुलाकात की थी, जो बाद में कोरोना पॉजिटिव निकला था.

इमरान खान ने ईधी फाउंडेशन के चेयरमैन फैसल ईधी से मुलाकात की थी. वो पाकिस्तानी सरकार को कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में दस मिलियन की आर्थिक मदद का चेक देने आए थे. लेकिन उसके बाद जब ईधी का टेस्ट करवाया गया तो वह कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए.

दक्षिण सिंध प्रांत के गवर्नर कोरोना पॉजिटिव

पाकिस्तान में दक्षिण सिंध प्रांत के गवर्नर भी इससे पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. प्रधानमंत्री इमरान खान के बेहद करीबी इमरान इस्माइल का सोमवार को कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया, जो पॉजिटिव आया. इस्माइल ने कहा कि वह इस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार थे. इससे पहले मार्च में, सिंध के शिक्षा मंत्री सईद गनी कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए थे.

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बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 358 हो गई है, जबकि कुल मामलों की संख्या बढ़कर 16 हजार 117 है.

'धार्मिक स्थलों का बंद ना होना चिंता का विषय'

पाकिस्तानी इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ने अपनी रिसर्च में दावा किया कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस का लोकल ट्रांसमिशन जारी है और इसकी वजह धार्मिक स्थल बन रहे हैं. PIMA के प्रमुख इफ्तिकार बर्नी के मुताबिक, पाकिस्तान में मस्जिदों का बंद ना होना चिंता का विषय बना है और यही कारण है कि देश में जो लोकल ट्रांसमिशन है, वह मस्जिदों के जरिए फैला है. पिछले एक हफ्ते में ये आंकड़ा तेजी से बढ़ा है.

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