फिल्म 'धुरंधर' से हकीकत तक... पाकिस्तान में आतंकवाद बढ़ने की असली वजह क्या है?

पाकिस्तान में आतंकवाद ने एक बार फिर खतरनाक रफ्तार पकड़ ली है. 2025 में हमलों और मौतों के आंकड़े 2013 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए. TTP और BLA जैसे संगठनों की बढ़ती सक्रियता, अफगानिस्तान से बढ़ता तनाव ने हालात को गंभीर बना दिया है.

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पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे प्रभावित देश, हर दूसरी मौत के पीछे एक ही संगठन. (File Photo: ITG) पाकिस्तान बना दुनिया का सबसे प्रभावित देश, हर दूसरी मौत के पीछे एक ही संगठन. (File Photo: ITG)

पल्लवी पाठक

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:11 PM IST

दिग्गज फिल्म मेकर आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल की बॉक्स ऑफिस पर बंपर सफलता मिली है. इसमें एक भारतीय जासूस के पाकिस्तान के गैंगस्टरों के बीच किए गए कारनामों को दिखाया गया है. इस फिल्म ने देश में आतंकवाद के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है. इसी बीच ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट सामने आई है.

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इसमें पहली बार पाकिस्तान को दुनिया का सबसे ज्यादा आतंकवाद से प्रभावित देश बताया है. इस मामले में उसने बुर्किना फासो को भी पीछे छोड़ दिया है. आतंकवाद में यह बढ़ोतरी अफगानिस्तान में 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद देखी गई है. इसके साथ ही तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के हमलों में तेजी आई है.

इसी का असर यह रहा कि 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 2013 के बाद अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. सिर्फ पिछले साल ही 1,045 आतंकी घटनाओं में 1,139 लोगों की मौत हुई. दक्षिण एशिया में हालात तब और बिगड़े जब फरवरी में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया. पाकिस्तान ने काबुल और कंधार पर हवाई हमले किए.

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इसकी वजह से लोगों के विस्थापन का खतरा बढ़ा, सीमा पर नियंत्रण कमजोर हुआ, TTP और ISIS-K जैसे संगठनों के फैलाव के लिए माहौल अनुकूल हो गया. 2025 में दुनिया भर में चार आतंकी संगठन सबसे ज्यादा घातक रहे. इस्लामिक स्टेट (IS), जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और हरकत अल-शबाब अल-मुजाहिदीन (अल-शबाब).

इनमें TTP एकमात्र ऐसा संगठन था, जिसकी वजह से पिछले साल मौतों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सिर्फ पाकिस्तान में ही आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 5.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. वैश्विक स्तर पर हुई कुल मौतों में से 20 प्रतिशत मौतें यहीं हुईं. इसके साथ पाकिस्तान उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जो दुनिया में आतंकवाद से होने वाली मौतों के 70 प्रतिशत हिस्से के लिए जिम्मेदार हैं.

हालांकि, 2025 में दुनिया भर में आतंकी घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में कुल मिलाकर कमी आई, लेकिन बंधक बनाने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान में 'जाफर एक्सप्रेस' को हाईजैक करके 442 लोगों को बंधक बना लिया गया. यदि यह घटना नहीं होती, तो 2024 की तुलना में दुनिया भर में बंधकों की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी आती.

तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) देश के भीतर आतंकवाद का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है. पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी कुल मौतों में से 56 प्रतिशत के लिए यही जिम्मेदार रहा. इसने 595 हमले किए और 637 लोगों की जान ली. 2007 से अब तक देश में हुए कुल हमलों में से 67 प्रतिशत से ज्यादा हमलों के पीछे TTP का हाथ रहा है. BLA की तुलना में इसने पांच गुना ज्यादा हमले किए हैं. 

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2021 के बाद से इसकी गतिविधियों में तेजी आई है. 2025 में पाकिस्तान का सबसे घातक हमला 26 अक्टूबर को हुआ. खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में बंदूकधारियों ने एक सैन्य शिविर को निशाना बनाया, जिसमें 21 सैनिक मारे गए. इस हमले की जिम्मेदारी TTP ने ली. इसके अलावा एक और बड़ी घटना में BLA ने क्वेटा के पास रेलवे ट्रैक पर बम लगाकर एक यात्री ट्रेन को रोक दिया.

इसके बाद 442 यात्रियों को बंधक बना लिया गया. इस घटना में 21 बंधकों, चार सैनिकों और 33 आतंकियों की मौत हुई. बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित रहे. यहां सबसे ज्यादा हमले हुए और सबसे ज्यादा जानें गईं. 2025 में हमलों की संख्या बढ़कर 595 हो गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 481 था. यह साफ संकेत है कि पाकिस्तान में आतंकी खतरा गहराता जा रहा है.

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