ईरान वॉर के बीच जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से दिया कर्जा मांगा तो वहां के हुक्मरानों के पट में मरोड़ उठने लगा है. जिस UAE के कर्जे पर पाकिस्तान सालों से पलता आ रहा है, जिस खाड़ी के पैसे से वहां के लोगों को रोटी मिल रहा है वो पाकिस्तान अब UAE को 'बेचारा' और खुद को 'बिग ब्रदर' कह रहा है. इसके अलावा इस नेता ने कहा कि UAE को अपने यहां हिन्दुस्तानी आबादी से सावधान रहना चाहिए. UAE में हिन्दुस्तानी की आबादी 35-40 लाख है, कहीं ऐसा न हो कि UAE भी अखंड भारत का निशाना बन जाए.
संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से कुल 3.5 अरब डॉलर का दिया कर्जा वापस मांगा है. UAE ने पाकिस्तान को 2018-19 के आसपास 2 अरब डॉलर कर्ज दिया था. ये कर्ज UAE ने पाकिस्तान के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स को सपोर्ट करने और IMF प्रोग्राम में मदद के लिए दिया था.
इसके अलावा 2023 में भी 1 बिलियन डॉलर अतिरिक्त सपोर्ट मिला था. इसमें 450 मिलियन डॉलर वो रकम है जो UAE ने पाकिस्तान को 29 साल पहले दिया था. लेकिन अबतक चुकाया नहीं था.
कुल मिलाकर पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता के लिए दिए UAE ने पाकिस्तान को ये लोन दिया था. पाकिस्तान इन पर लगभग 6% से 6.5% सालाना ब्याज दे रहा था.
UAE ने पाकिस्तान से तत्काल इन पैसों की मांग की है. इसका कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, ईरान वॉर है, इसकी वजह से UAE को अपने फंड्स की जरूरत पड़ी हो सकती है. पहले ये रोलओवर आसानी से होता जाता था, लेकिन अब नहीं. रोलओवर का मतलब है कि कर्ज की समय-सीमा (मैच्योरिटी) खत्म होने पर उसे वापस न करके आगे बढ़ा देना.
अब जब UAE ने पाकिस्तान से पैसे मांगे तो वहां के नेताओं को सांप सूंघ गया. पाकिस्तान जैसे-तैसे फंड जुगाड़ कर रहा है.
इस मुद्दे पर एक चर्चा के दौरान PML-N के नेता मुशाहिद हुसैन सैयद ने UAE का मजाक उड़ाया.
दुनिया न्यूज के एक प्रोग्राम में सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा, "मुझे लगता है पाकिस्तान ने सही फैसला किया है, हमारे UAE के भाइयों को... मजबूर हैं बेचारे, जरूरतमंद है, उनकी जरूरत है, तो हमने कहा कि जो कर्जा लिया है हमने, कई सालों से, वापस कर रहे हैं."
पाकिस्तान का कथित एहसान गिनाते हुए मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा कि वैसे भी हमने UAE की हमेशा मदद की है. उस मुल्क को बनाने में पाकिस्तान का किरदार है, UAE की फौज को ट्रेनिंग देने में हमारा किरदार है. खास तौर पर शेख जाएद के साथ. उनके साथ बड़ा ताल्लुक था.
मुशाहिद हुसैन सैयद ने चर्चा के दौरान कहा कि बेचारे इस वक्त फंसे हुए हैं. मजबूर हैं. उन्होंने 1.5 खरब डॉलर दिया है ट्रंप को. कई जंगों में वे फंसे हुए हैं, यमन में कभी, कभी सूडान में. तो हमारा फर्ज बनता है, हम मदद करें बेचारों की, उनकी जरूरत है.
पाकिस्तान इन UAE के इस कर्जे को इस महीने तीन किस्तों में वापस करने का ऐलान किया है.
भारत के खिलाफ UAE को भड़काया
पाकिस्तान की फॉरेन रिलेशन कमेटी के चेयरमैन रह चुके मुशाहिद हुसैन सैयद ने इस चर्चा में UAE को भारत के खिलाफ भड़काने की खूब कोशिश की. इस नेता ने UAE से कहा, "जनाब आपकी आबादी एक करोड़ है, 10 मिलियन में से 4.3 मिलियन हिन्दुस्तान के लोग रहते हैं, जरा अपना ख्याल रखें, आपकी जो दोस्ती उनके साथ बढ़ रही है इंडिया के साथ, कहीं ये न हो कि आप भी अखंड भारत का निशाना बन जाएं.
सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा कि आपकी लगभग आधी आबादी हिन्दुस्तान होगी. तो हिंदुस्तान के अखंड भारत में न सिर्फ पाकिस्तान, न सिर्फ अफगानिस्तान, न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि अरब के मुल्क भी आ सकते हैं. तो इस पर जरा अपना ख्याल रखें.
कौन हैं मुशाहिद हुसैन सैयद
मुशाहिद हुसैन सैयद पाकिस्तान के वरिष्ठ राजनेता और पत्रकार हैं. वे 1997 में नवाज शरीफ सरकार में सूचना, प्रसारण और संस्कृति मंत्री रहे. वे चार बार इस्लामाबाद से सीनेटर चुने गए हैं और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) से जुड़े हैं. विदेश नीति, रक्षा और चीन-पाकिस्तान संबंधों के विशेषज्ञ माने जाते हैं. वे सीनेट की रक्षा समिति के चेयरमैन भी रह चुके हैं.
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